सीजी भास्कर 31 अगस्त। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को रेवंत रेड्डी सरकार ने विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में नामित किया है।
अब इसी के बाद इस नॉमिनेशन पर उनका रिएक्शन सामने आया है।
रविवार को अपने नॉमिनेशन के लिए उन्होंने पार्टी के दिग्गज नेताओं का आभार व्यक्त किया।
अजहरुद्दीन ने कहा कि वो राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में उन्हें नामित करने के तेलंगाना कैबिनेट के फैसले से बहुत सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहे हैं।
पूर्व सांसद ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शीर्ष कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और के. सी. वेणुगोपाल का उन पर विश्वास जताने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिए आभार जताया।
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा कि वो मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और तेलंगाना के लिए एआईसीसी प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनके आभारी हैं।
उन्होंने आगे कहा, मैं ईमानदारी के साथ अपने राज्य की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को नामित करने का निर्णय चौंकाने वाला रहा, क्योंकि माना जा रहा था कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी उन्हें जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है।
शनिवार को यहां हुई राज्य कैबिनेट बैठक में उन्हें आमेर अली खान की जगह नामित करने का फैसला किया गया।
जुबली हिल्स सीट पर उपचुनाव मौजूदा विधायक और भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता मगंटी गोपीनाथ के निधन की वजह से हो रहा है।
गोपीनाथ ने 2023 में अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी अजहरुद्दीन को 16 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। उनका 8 जून को निधन हो गया।
अजहरुद्दीन, जो राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं उन्होंने कहा था कि वो उपचुनाव लड़ेंगे।
हालांकि, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने साफ किया था कि पार्टी ने अभी तक उम्मीदवार को अंतिम रूप नहीं दिया है।
कैसा रहा सियासी करियर
मोहम्मद अजहरुद्दीन 2009 में कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के कुछ महीनों बाद उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे।
साल 2014 में कांग्रेस ने उन्हें राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वो चुनाव हार गए।
साल 2018 में उन्हें तेलंगाना कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार किया, लेकिन पार्टी ने उन्हें न तो विधानसभा और न ही लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया।
इसी के बाद वो साल 2023 में जुबली हिल्स सीट पर चुनाव लड़े थे लेकिन वो बीआरएस नेता मगंटी गोपीनाथ से 16 हजार वोटों से हार गए थे।