सीजी भास्कर 30 जनवरी Former Deputy Collector Arrested : सरगुजा जिले के अंबिकापुर में धर्मांतरण से जुड़े एक मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला इलाके में रहने वाली सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोप है कि उनके निवास पर आयोजित की जा रही चंगाई सभा के माध्यम से लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
निजी आवास में जुटे थे दर्जनों लोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि 25 जनवरी को ओमेगा टोप्पो के घर पर एक धार्मिक सभा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 60 लोग शामिल हुए। आरोप है कि इस सभा के दौरान हिंदू धर्म से जुड़े लोगों को एकत्र कर उन्हें दूसरे धर्म की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के बाद मामला सामने आया।
विरोध के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही कुछ संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा पर आपत्ति जताई। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी वहां पहुंचे। विरोध करने वालों का कहना था कि बिना पूर्व अनुमति इस तरह की धार्मिक गतिविधियां निजी आवास में नहीं की जा सकतीं। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस को घर में प्रवेश से रोके जाने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस और प्रशासनिक टीम ने घर के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की, तो पूर्व डिप्टी कलेक्टर ने इसे ‘निजी आराधना’ बताते हुए रोक दिया और अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे। इसी बीच घर के अंदर मौजूद कई लोग वहां से निकल गए, जिससे संदेह और गहरा गया।
जांच के बाद दर्ज हुआ आपराधिक मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ओमेगा टोप्पो समेत चार अन्य लोगों से पूछताछ की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप तय करते हुए बीएनएस की धारा 270, 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5(क) के तहत कार्रवाई की। इसके बाद सेवानिवृत्त अधिकारी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
कानूनी प्रक्रिया जारी, अन्य पहलुओं की जांच
पुलिस का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभा में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन पाए जाने पर किसी भी स्तर पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।



