सीजी भास्कर, 11 मार्च। अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित (Fruit Vegetable Exporters Relief) हो गई है, जिससे भारत से फलों और सब्जियों के निर्यात पर बड़ा असर पड़ा है। इस संकट को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) ने निर्यातकों को राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
महाराष्ट्र सरकार और जेएनपीए की इस पहल के तहत फंसे हुए निर्यात कंटेनरों पर कई शुल्कों में छूट दी गई है, जिससे निर्यातकों और किसानों को भारी वित्तीय नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन से शुल्क किए गए माफ
निर्यातकों को राहत देते हुए बंदरगाह प्रबंधन ने निम्नलिखित फैसले लिए हैं
ग्राउंड रेंट, स्टोरेज और ड्वेल टाइम चार्जेस पर 100% छूट
रीफर (शीतगृह) कंटेनरों के बिजली/प्लग-इन चार्जेस में 80% तक छूट
प्रभावित कंटेनरों के लिए अतिरिक्त स्टोरेज और स्टैकिंग स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल ने बताया कि यह निर्णय संकट में फंसे निर्यातकों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य (Fruit Vegetable Exporters Relief) से लिया गया है।
15 दिनों तक लागू रहेगी राहत
यह छूट 28 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि से 14 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक यानी कुल 15 दिनों के लिए लागू रहेगी।
यह राहत उन कंटेनरों पर लागू होगी
जो 28 फरवरी 2026 से टर्मिनल में मौजूद हैं
या 8 मार्च 2026 सुबह 7 बजे तक पोर्ट में गेट-इन हुए हैं
सैकड़ों कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे
मौजूदा हालात में भारत के कई बंदरगाहों पर बड़ी संख्या में निर्यात कंटेनर अटके हुए हैं।
JNPA पोर्ट पर लगभग 250 से 1000 कंटेनर फंसे
गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर करीब 150 कंटेनर रुके हुए
कुल मिलाकर लगभग 1000 कंटेनर फल-सब्जियों के निर्यात से जुड़े हैं
इनमें मुख्य रूप से केला, अंगूर, प्याज, तरबूज जैसे नाशवान उत्पाद शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट रूट्स पर शिपिंग सेवाएं प्रभावित
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों जैसे Maersk, MSC और CMA CGM ने मिडिल ईस्ट के कई समुद्री मार्गों पर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक (Fruit Vegetable Exporters Relief) दी हैं। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और सूएज रूट प्रभावित हुए हैं और निर्यातकों को वैकल्पिक मार्ग जैसे केप ऑफ गुड होप का इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों और निर्यातकों को बड़ी राहत
निर्यात कंटेनरों में रखा माल नाशवान होने के कारण खराब होने का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में बंदरगाह शुल्क में दी गई छूट फल-सब्जी उत्पादक किसानों, निर्यातकों और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट समुदाय के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। JNPA ने टर्मिनल ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि प्रभावित कार्गो को प्राथमिकता देते हुए इन राहत उपायों को तुरंत लागू किया जाए।





