सीजी भास्कर, 18 मई। दुर्ग नगर निगम में इन दिनों खर्च कम करने और संसाधनों को बचाने को लेकर नई व्यवस्था लागू (Fuel Saving) की जा रही है। निगम के भीतर लगातार बढ़ते ईंधन खर्च को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी बीच प्रशासन ने सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है, जिसकी शुरुआत कई वार्डों में दिखाई देने लगी है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद निगम कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर छोटे वार्डों में अब बड़े वाहनों की जगह अलग तरीके से कचरा उठाने की तैयारी की जा रही है। निगम का दावा है कि इससे खर्च कम होगा और सफाई व्यवस्था भी बेहतर बनेगी।
कचरा वाहनों के फेरों में की जा रही कटौती : Fuel Saving
नगर निगम प्रशासन ने कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों के फेरों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। फिलहाल शहर के 60 वार्डों में 60 टाटा एस वाहन चल रहे हैं, जो रोजाना कई चक्कर लगाते हैं। अब इन फेरों को सीमित किया जाएगा ताकि डीजल की खपत कम हो सके और खर्च पर नियंत्रण रखा जा सके।
छोटे वार्डों में ट्राइसाइकिल से होगा कचरा संग्रहण
छोटे और संकरी गलियों वाले वार्डों में अब ट्राइसाइकिल के जरिए घर घर से कचरा उठाया जाएगा। इसके बाद कचरे को एसएलआरएम सेंटर तक पहुंचाया जाएगा, जहां अलग अलग करने की प्रक्रिया पूरी होगी। निगम प्रशासन का कहना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और सफाई व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
अधिकारियों के ईंधन कोटे में भी कटौती
नई व्यवस्था सिर्फ कचरा वाहनों तक सीमित नहीं रखी गई है। अधिकारियों के इस्तेमाल वाले वाहनों के ईंधन कोटे में भी कमी की गई है। पहले अधिकारियों को हर महीने 80 लीटर डीजल (Fuel Saving) दिया जाता था, लेकिन अब इसे घटाकर 40 लीटर कर दिया गया है। जोन स्तर पर इस्तेमाल होने वाले वाहनों में भी कटौती लागू की गई है।
खर्च कम करने की दिशा में बड़ा कदम
निगम प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ईंधन खर्च में बड़ी कमी आएगी। साथ ही संसाधनों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।



