सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। देश में सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण एक बार फिर बढ़ा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (Gold Demand India) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में भारत में सोने की मांग का मूल्य 2,03,240 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है।
हालांकि, इस तिमाही में सोने की कुल मांग 209.4 टन दर्ज की गई, जो 2024 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 16 प्रतिशत कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी के चलते सोने का मूल्य तो बढ़ा है, लेकिन वास्तविक खपत (टन में) घट गई है — यानी सोना महंगा हुआ, पर खरीदी कम हुई।
आभूषणों की मांग में गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, आभूषणों (Gold Demand India) की मांग 117.7 टन रही, जो साल-दर-साल 31 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। हालांकि, इसके मूल्य में बड़ा बदलाव नहीं आया और यह 1,14,270 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा।
निवेश मांग में उछाल
इस दौरान निवेश के तौर पर सोने (Gold Demand India) की मांग में खासा इजाफा हुआ है। मात्रा के लिहाज से यह 20 प्रतिशत बढ़कर 91.6 टन तक पहुंची, जबकि मूल्य में 74 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ यह 88,970 करोड़ रुपये हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, इसका मुख्य कारण तिमाही के दौरान सोने की उच्च औसत कीमतें रहीं, जिसने निवेशकों को इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारत स्थित क्षेत्रीय सीईओ सचिन जैन ने कहा कि “उच्च कीमतों से प्रेरित यह वृद्धि एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि सोना भारतीय निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और स्थायी निवेश परिसंपत्ति बना हुआ है।”
आपूर्ति और पुनर्चक्रण के आंकड़े
इस अवधि में सोने का आयात 194.6 टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 37 प्रतिशत कम है। वहीं रीसाइकल गोल्ड (पुनर्चक्रण) की मात्रा 21.8 टन रही, जो साल-दर-साल 7 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय परिवार सोना बेचने के बजाय अपने पास सुरक्षित रख रहे हैं।


