सीजी भास्कर, 08 जून। महासमुंद जिले में पिछले एक महीने के दौरान प्रशासनिक गतिविधियां गांव गांव तक (Good Governance Festival) पहुंचती नजर आईं। समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं और जरूरतमंद लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
कई स्थानों पर लोगों को पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि उनकी बात सीधे अधिकारियों तक पहुंच रही है और उस पर तत्काल कार्रवाई भी हो रही है। शिविरों में लोगों की भीड़ और समस्याओं के समाधान को लेकर दिखी सक्रियता ने पूरे अभियान को चर्चा का विषय बना दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जिनका वर्षों से समाधान नहीं हो पाया था। लेकिन मौके पर अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई से लोगों को राहत मिली। यही वजह रही कि सुशासन तिहार आम लोगों और प्रशासन के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनकर उभरा।
41 समाधान शिविरों में पहुंचे हजारों लोग : Good Governance Festival
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत महासमुंद जिले में विभिन्न विकासखंडों में कुल 41 समाधान शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों और शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में विभागीय अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण की दिशा में कार्रवाई शुरू की।
35 हजार से ज्यादा आवेदन हुए प्राप्त
एक मई से पांच जून 2026 तक जिले में कुल 35 हजार 470 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34 हजार 411 आवेदन विभिन्न मांगों से जुड़े थे, जबकि 360 आवेदन शिकायतों से संबंधित (Good Governance Festival) थे। प्राप्त आवेदनों में से अब तक 24 हजार 725 मामलों का निराकरण किया जा चुका है। यह कुल आवेदनों का लगभग 70 प्रतिशत है। शेष लंबित आवेदनों पर भी विभागीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर सुनी लोगों की बात
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कमरौद गांव का औचक दौरा किया और चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं और जरूरतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। वहीं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी, क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी विभिन्न शिविरों में शामिल हुए और योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया।
मौके पर मिला योजनाओं का लाभ
समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं।
राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, किसान कल्याण योजनाएं, राजस्व प्रकरण, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया।
दस दिन में पूरी हुई मुख्यमंत्री की घोषणा
बागबाहरा विकासखंड के कमरौद गांव में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केवल दस दिनों के भीतर मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई। ग्रामीणों ने इसे प्रशासन की तत्परता का उदाहरण बताते हुए खुशी जाहिर की।
मौके पर मिला आबादी पट्टा और लाइसेंस
आंवराडबरी निवासी खोमनलाल साहू की लंबे समय से लंबित समस्या का भी समाधान (Good Governance Festival) किया गया। उन्हें आबादी पट्टा प्रदान किया गया, जिससे उन्हें अपने मकान का मालिकाना अधिकार मिला। इसी तरह राहुल और खोमन को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस जारी किया गया। लाभ मिलने के बाद हितग्राहियों ने शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
संवाद से समाधान का उद्देश्य हुआ सफल
ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटी छोटी समस्याओं के लिए जिला और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन खुद गांवों तक पहुंच रहा है। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई है।
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का उद्देश्य काफी हद तक सफल होता नजर आया है। प्रशासन का कहना है कि शेष आवेदनों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।



