सीजी भास्कर, 10 मार्च। छत्तीसगढ़ के Bhilai में शांति नगर दशहरा मैदान के संभावित निजीकरण को लेकर उठे विवाद के बीच वैशाली नगर क्षेत्र के विधायक Rikesh Sen ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए इस प्रक्रिया को रुकवा दिया। जानकारी मिलते ही विधायक ने नगर निगम प्रशासन से चर्चा की और स्पष्ट कर दिया कि Ground Privatization Controversy जैसे फैसले सार्वजनिक हित के खिलाफ हैं।

टेंडर प्रक्रिया पर लगाई गई तत्काल रोक
सूत्रों के अनुसार नगर निगम स्तर पर मैदान को निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही थी। इस आशंका के बीच जैसे ही मामला विधायक के संज्ञान में आया, उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। विधायक के सख्त रुख के बाद निगम प्रशासन को प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ी। स्थानीय स्तर पर इसे Bhilai Ground Privatization से जुड़ा बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

संजय नगर मैदान के बाद दूसरा मामला
यह पहला मौका नहीं है जब क्षेत्र के किसी मैदान को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी संजय नगर खेल मैदान को लेकर इसी तरह की स्थिति सामने आई थी, जहां हस्तक्षेप के बाद प्रस्तावित निजीकरण की प्रक्रिया रुक गई थी। विधायक का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रखना ही असली Public Land Protection है, क्योंकि यही जगहें आने वाली पीढ़ियों की धरोहर होती हैं।

“एक इंच जमीन भी निजी स्वार्थ को नहीं देंगे” – Rikesh Sen
विधायक Rikesh Sen ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विकास का मतलब सार्वजनिक संपत्तियों को बेच देना नहीं होता। उनके मुताबिक खेल के मैदान बच्चों, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने साफ कहा कि क्षेत्र की एक इंच जमीन भी किसी निजी स्वार्थ की भेंट नहीं चढ़ने दी जाएगी। यह बयान स्थानीय Vaishali Nagar Politics में भी चर्चा का विषय बन गया है।

जनता के विरोध की तैयारी के बीच आया फैसला
शांति नगर क्षेत्र के रहवासी मैदान के निजीकरण की खबर सामने आने के बाद विरोध की तैयारी में जुट गए थे। स्थानीय लोगों ने जन आक्रोश रैली निकालने की योजना बनाई थी। इसी बीच विधायक के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगने की जानकारी सामने आई।
खेल प्रेमियों और युवाओं में राहत का माहौल
इस फैसले के बाद इलाके के खेल प्रेमियों, युवाओं और बुजुर्गों के बीच राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि मैदान जैसे सार्वजनिक स्थल न सिर्फ खेल गतिविधियों के लिए जरूरी हैं बल्कि सामाजिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी अहम भूमिका निभाते हैं।





