सीजी भास्कर, 30 मई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का समर्थ पोर्टल हैक होने की आशंका ने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंच गए थे, जिससे पेपर लीक की आशंका जताई जा रही है। (Guru Ghasidas University portal hacked)
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है। समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्नपत्र लीक की आशंका से मचा हड़कंप : Guru Ghasidas University portal hacked
विश्वविद्यालय में यूजी और पीजी समेत कई विभागों की सेमेस्टर परीक्षाएं जारी हैं। इसी दौरान यह दावा सामने आया कि परीक्षा में आए प्रश्नपत्र पहले से कुछ छात्रों के पास मौजूद थे। इसके बाद परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फिलहाल प्रश्नपत्र लीक होने के ठोस सबूत मिलने से इनकार किया है।
प्रबंधन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल कब और कैसे हैक हुआ। वहीं दावा यह भी किया जा रहा है कि हैकिंग के कारण परीक्षा और प्रशासनिक कामकाज से जुड़ा डेटा भी प्रभावित हुआ है।
समर्थ पोर्टल में छात्रों की संवेदनशील जानकारी
समर्थ पोर्टल का उपयोग प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रबंधन, प्रशासनिक रिकॉर्ड और छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए किया जाता है। पोर्टल पर छात्रों के आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य निजी जानकारियां उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में डेटा लीक की आशंका ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच और साइबर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन तकनीकी एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी करेगी जांच : Guru Ghasidas University portal hacked
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार देर रात अधिकारियों की बैठक बुलाकर पूरे मामले की समीक्षा की। इसके बाद पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है।
मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, समिति सात दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल हैकिंग और प्रश्नपत्र लीक के दावों में कितनी सच्चाई है। वहीं 32 विभागों के प्रश्नपत्र प्रभावित होने की आशंका ने उच्च शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




