सीजी भास्कर 18 जनवरी Hanuman Sentiment Row: रायपुर में राजनीतिक माहौल उस वक्त गरमा गया, जब कांग्रेस नेताओं ने भगवान हनुमान से जुड़ी भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाना पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल राजनीति नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।
प्रतीक के उपयोग पर उठे गंभीर सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भगवान हनुमान के प्रतीक का उपयोग पतंग के रूप में किया गया, जिसे उड़ाया गया और बार-बार गिराया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी देवी-देवता के प्रतीक को इस तरह खेल या प्रदर्शन का माध्यम बनाना धार्मिक भावनाओं के साथ असंवेदनशील व्यवहार है। इसे उन्होंने Religious Symbol Misuse करार दिया।
कांग्रेस का तर्क, आस्था का अपमान
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि बजरंगबली शक्ति, संयम और भक्ति के प्रतीक हैं। उनके प्रतीक को सार्वजनिक मंच पर इस तरह इस्तेमाल करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह सीधे-सीधे भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। कांग्रेस का दावा है कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया या लापरवाही में, दोनों ही स्थिति में गंभीर है।
विदेशी नेता के संदर्भ पर भी आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे से जुड़ा एक और पहलू सामने रखा। उनका कहना है कि भगवान हनुमान को मानने वाले श्रद्धालु मांस और मदिरा से दूरी रखते हैं, ऐसे में किसी ऐसे विदेशी नेता के साथ इस प्रतीक का सार्वजनिक उपयोग करना, जिनकी जीवनशैली अलग मानी जाती है, संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। इसे उन्होंने Cultural Sensitivity Issue बताया।
माफी तक कार्रवाई की चेतावनी
कांग्रेस ने साफ कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर सार्वजनिक रूप से हनुमान भक्तों और हिंदू समाज से माफी नहीं मांगते, तब तक कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि यह मामला धार्मिक सम्मान से जुड़ा है, और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।




