सीजी भास्कर, 12 जनवरी। भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार 11 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए वनडे मुकाबले में चार विकेट से शानदार जीत दर्ज की। 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 49 ओवरों में मैच अपने नाम किया। इस मुकाबले में विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी जरूर चर्चा में रही, लेकिन असली फर्क जिस खिलाड़ी ने पैदा किया, वह रहे टीम इंडिया के उभरते सितारे हर्षित राणा (Harshit Rana All-rounder), जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से निर्णायक योगदान दिया।
हर्षित राणा ने गेंदबाजी के दौरान न्यूजीलैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे और हेनरी निकोल्स को पवेलियन भेजा, जब वे अपने-अपने अर्धशतक पूरे कर चुके थे। इन अहम विकेटों ने न्यूजीलैंड की मजबूत शुरुआत पर ब्रेक लगाया। इसके बाद बल्लेबाजी में भी हर्षित राणा (Harshit Rana All-rounder) ने 23 गेंदों में 29 रनों की उपयोगी पारी खेली, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी ने केएल राहुल पर से दबाव कम किया और भारत को लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ाया।
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर लगातार हर्षित राणा पर भरोसा जताते आए हैं। वडोदरा वनडे में अर्शदीप सिंह को बाहर रखकर हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने पर सवाल जरूर उठे, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने प्रदर्शन से जवाब दिया। हर्षित ने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद ऑलराउंड विकल्प हैं।
मैच के दौरान विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के बीच 77 रनों की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था, लेकिन कोहली और रवींद्र जडेजा के जल्दी आउट होने से दबाव बढ़ गया। ऐसे समय में हर्षित राणा (Harshit Rana All-rounder) को नंबर सात पर भेजने का फैसला अहम साबित हुआ। वॉशिंगटन सुंदर हल्की चोट से जूझ रहे थे, ऐसे में यह रणनीतिक बदलाव भारत के पक्ष में गया।
यह पहली बार नहीं है जब हर्षित राणा ने बल्ले से टीम को संकट से उबारा हो। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न टी20I में उन्होंने मुश्किल हालात में 35 रन बनाए थे, वहीं एडिलेड वनडे में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट लेने के साथ नाबाद 24 रन जोड़े थे। 24 वर्षीय हर्षित राणा ने हाल ही में बताया कि टीम मैनेजमेंट उन्हें वनडे सेटअप में स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर के रूप में तैयार कर रहा है।
मैच के बाद हर्षित राणा ने कहा कि टीम मैनेजमेंट का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बताया कि उन्हें नंबर सात या आठ पर आकर 30–40 रन जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हर्षित राणा इसी तरह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देते रहे, तो भारतीय टीम को एक मजबूत ऑलराउंड विकल्प मिल जाएगा।


