सीजी भास्कर, 27 मई : देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ( HDFC Bank Shares Crash) को बुधवार को शेयर बाजार में भारी दबाव का सामना करना पड़ा। कारोबार के दौरान बैंक के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसका असर सीधे बैंक के बाजार पूंजीकरण पर पड़ा और कुछ ही घंटों में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 30 हजार करोड़ घट गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक पर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम यानी MSRDC को कथित तौर पर अधिक ब्याज भुगतान करने और उसे मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि बैंक बोर्ड की एक समिति ने वित्त वर्ष 2024 और 2025 के दौरान हुए लगभग ₹45 करोड़ के भुगतान की जांच के आदेश दिए थे।
हालांकि एचडीएफसी बैंक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बैंक का कहना है कि रिपोर्ट पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यों से परे है। बैंक प्रबंधन के अनुसार आंतरिक जांच में किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता सामने नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बैंक के पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतानु चक्रवर्ती का इस्तीफा भी चर्चा में है। उन्होंने मार्च में “व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता” का हवाला देते हुए पद छोड़ा था। हालांकि बैंक ( HDFC Bank Shares Crash) ने उस समय स्पष्ट किया था कि इस्तीफे का किसी वित्तीय गड़बड़ी या संचालन संबंधी विवाद से संबंध नहीं है।
शेयर बाजार में कारोबार के दौरान एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 3 फीसदी तक टूटकर ₹726 के निचले स्तर तक पहुंच गया। बाद में इसमें कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन शेयर अब भी कमजोरी के साथ कारोबार करता रहा।
पिछले छह महीनों में यह शेयर करीब 25 फीसदी तक गिर चुका है, जबकि एक साल में इसमें 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार दबाव के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है।




