सीजी भास्कर, 28 मई। पंचायत चुनाव के दौरान हुए हंगामे से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला (High Court) सुनाया है। चुनाव ड्यूटी में बाधा और पोलिंग बूथ में तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। फैसले के बाद पूरे मामले की फिर से चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव के दौरान हुई इस घटना को लेकर इलाके में काफी तनाव का माहौल बना था। पोलिंग बूथ के भीतर घुसकर हंगामा और तोड़फोड़ किए जाने की शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। अब हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि दर्ज एफआईआर फिलहाल बरकरार रहेगी।
पंचायत चुनाव के दौरान हुआ था विवाद : High Court
जानकारी के मुताबिक 5 मार्च 2025 को बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर इलाके में पंचायत चुनाव के दौरान यह घटना हुई थी। आरोप है कि मोहम्मद बक्स करीब 100 से 150 लोगों के साथ बूथ नंबर 115 पहुंचा और वहां हंगामा शुरू कर दिया।
बूथ में घुसकर तोड़े गए ताले
शिकायत में कहा गया कि आरोपी समूह ने पोलिंग बूथ के अंदर घुसकर गाली गलौज की और बूथ सेंटर के दो ताले तोड़ दिए। इसके अलावा चुनाव सामग्री छीनने की कोशिश और वहां मौजूद अधिकारियों की सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया।
शिकायत के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
पोलिंग बूथ अधिकारी खिलेश्वर राम की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच (High Court) की थी। जांच के बाद आरोपी मोहम्मद बक्स और अन्य लोगों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान कानून समेत अलग अलग धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।
एफआईआर रद्द कराने पहुंचा था हाईकोर्ट
आरोपी पक्ष ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई अवकाशकालीन डिवीजन बेंच में हुई, जहां सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने नहीं दी कोई राहत
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब आरोपी पक्ष को इस मामले में कोई राहत नहीं मिली (High Court) है। अदालत ने साफ किया कि दर्ज एफआईआर फिलहाल जारी रहेगी और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।




