CG BhaskarCG Bhaskar
Aa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Aa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » भारी दबाव के बीच बीएसपी के पूर्व डीजीएम के अवैध अतिक्रमण से आवास हुआ मुक्त, सम्पदा न्यायालय से डिक्री और बल के साथ पहुंचा प्रवर्तन विभाग

भारी दबाव के बीच बीएसपी के पूर्व डीजीएम के अवैध अतिक्रमण से आवास हुआ मुक्त, सम्पदा न्यायालय से डिक्री और बल के साथ पहुंचा प्रवर्तन विभाग

By Newsdesk Admin 27/07/2025
Share

सीजी भास्कर, 27 जुलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रवर्तन विभाग के द्वारा 3 साल से आवास में काबिज डीजीएम को बेदखल किया गया है। इस दौरान टीम को भारी दबाव और हुज्जत का भी सामना करना पड़ा लेकिन अंत में पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने आवास को सील करने में सफलता हासिल की है।

आपको बता दें कि सम्पदा न्यायालय के डिक्री आदेश के तहत कार्यपालक मजिस्ट्रेट तथा भारी पुलिस बल की उपस्थिति में पूर्व डीजीएम (इनफ़ोर्समेंट ) का आवास बीएसपी के एनफोर्समेंट डिपार्मेंट ने सील किया है।

एनफोर्समेंट अफसर ने बताया कि जिला न्यायालय से पूर्व डीजीएम की सम्पदा न्यायालय के विरुद्ध अपील लंबित है, परंतु जिला न्यायालय से किसी प्रकार की राहत या स्टे नहीं मिला था जिसके कारण बेदखली की कार्यवाही की गयी। जिनको स्टे मिला हुआ है, उनके विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गयी है।

गौरतलब हो कि वर्तमान नियमों के तहत 6 महीने पूर्ण होने पर रिटेन्शधारी पीपी एक्ट 1971 के तहत अवैध कब्जेधारी हैं।

पूर्व DGM द्वारा निरंतर नेताओं से दवाब तथा तथाकथित लोगों का समूह भेज कर कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश भी की गयी। किन्तु भारी पुलिस बल तथा कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने उनकी एक नहीं चली और सभी तथाकथित लोग वापस लौट गए ।

जानकारी मिली है कि पूर्व डीजीएम का तालपुरी बी ब्लॉक में स्वयं का आवास है फिर भी तीन वर्षो से बीएसपी के आवास पर अवैध कब्ज़ा जमाए बैठा था।

एनफोर्समेंट अफसर ने कहा कि ऐसे किसी कब्जेधारी को बक्शा नहीं जाएगा और न ही बीएसपी की सम्पति पर कब्ज़ा करने दिया जाएगा।

रिटेंशन नियमों के तहत वर्तमान में मात्र 6 महीनों के लिए ही आवास आबाटित किया जाता है, उसके उपरांत अवैध कब्ज़ा माना जाता है तथा पीपी एक्ट (Public Premises Act) 1971 के तहत अवैध कब्जेधारी को नोटिस, सुनवाई का पूर्ण मौका दिया जाता है तथा डिक्री जारी करने की प्रक्रिया की जाती है।

पूर्व DGM को भी पूरा मौका दिया गया। डिक्री जारी होने के पश्चात सम्पदा न्यायलय द्वारा अवैध कब्जेधारी को 15 दिवस का समय कब्ज़ा खाली करने के लिए देता है।

कई कब्जेधारी जिला न्यायालय दुर्ग तथा उच्च न्यायालय बिलासपुर में सम्पदा न्यायलय द्वारा पारित डिक्री के विरुद्ध अपील करते है, यदि न्यायालय द्वारा स्टे नहीं दिया जाता है तो अवैध कब्जेधारी से बीएसपी सम्पति खाली करवाया जाता है अथवा उन्हें बीएसपी सम्पति से बेदखल किया जाता है।

पूर्व DGM द्वारा भी जिला न्यायालय में सम्पदा न्यायालय के डिक्री के विरुद्ध अपील की गई थी किन्तु जिला न्यायालय द्वारा पूर्व DGM को किसी प्रकार का राहत या स्टे नहीं दिया गया। पीपी एक्ट 1971 के तहत रिटेंशन समायावधि पूर्ण होने के पश्चात, निवासरत व्यक्ति अवैधकब्जेधारी हो जाता है, इसमें किसी प्रकार का ओवर स्टे पीरियड नहीं होता है।

अवैध कब्जेधारी के विरुद्ध कार्यवाही हेतु सम्पदा न्यायालय द्वारा किसी भी एक अधिकारी को अधिकृत किया जाता है तथा सम्पदा न्यायालय द्वारा बेदखली कार्यवाही हेतु कार्यपालक मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाता है। 

कार्यवाही के पश्चात पंचनामा, चाबी, दस्तावेज, वीडियो रिकॉर्डिंग इत्यादि सम्पदा न्यायालय में जमा कर दिया जाता है। उसकी प्रतिलिपि प्रशासन को भी दी जाती है।

विदित हो कि कुछ पूर्व बीएसपी कार्मिक रिटेंशन आवासधारी द्वारा बीएसपी सम्पति का दुरूपयोग किया जाता है। कई लोगों द्वारा आवास को किराया पर दे दिया जाता है।

कुछ लोग बीएसपी आवास में अवैध रूप से निवासरत हैं और अपने द्वारा बनाये आवास को किराया में दे दिया है। बहुत रिटेंशनधारी दूसरे कंपनियों में नौकरी भी करते हैं और बीएसपी आवास को भी अवैध कब्जे में रखे रहते हैं जिसकी वजह से कई वरिष्ठ अधिकारी जो बाहर से ट्रांसफर होकर आए हैं या जिनका उच्च ग्रेड में प्रमोशन हो गया है, ऐसे लोगों को अवैध कब्जेधारियों की वजह से बीएसपी के आवास नहीं मिल पाते हैं, मजबूरन वो भिलाई निवासी सहित अन्य जगहों पर रहते हैँ। 
ऐसे सभी अवैध कब्जेधारियों के विरुद्ध बीएसपी द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है ताकि सयंत्र में कार्यरत अधिकारियों कार्मिकों को अच्छे आवास मिल सकें। ऐसे अवैध कब्जेधारियों से आवास खाली करवाने के पश्चात जरूरतमंद कार्मिकों को आवास अलॉट किया जाता है।

You Might Also Like

Nidhan News : दुर्गा काली मंदिर के संस्थापक गुरूजी सुशील कहार नहीं रहे, दुर्ग में होगा अंतिम संस्कार

Bijapur Bulldozer Action: बीजापुर में उजड़ते आशियाने, DRG जवान के घर पर भी चला बुलडोजर

Korba Rice Mill Irregularity: कोरबा में धान घोटाले का खुलासा, दो राइस मिलों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Swadeshi Abhiyan Bhilai: घर-घर स्वदेशी का संकल्प, वैशाली नगर मंडल की चाय पर चर्चा में बनी रणनीति

Samadhan Yojana 2025-26 : समाधान योजना में अब तक 632 करोड़ 92 लाख रूपये जमा, 276 करोड़ सरचार्ज माफ

Newsdesk Admin 27/07/2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

IHM Raipur Placement
IHM Raipur Placement : डेढ़ साल की पढ़ाई और देशभर में नौकरी, युवाओं के लिए बड़ा अवसर

सीजी भास्कर, 16 जनवरी। नया रायपुर स्थित स्टेट…

Virtual Net Metering India
Virtual Net Metering India : रायपुर से शुरू हुई सोलर क्रांति, अब अपार्टमेंट में भी सस्ती बिजली

सीजी भास्कर, 16 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर…

Liquor Scam Case CG
Liquor Scam Case CG : हाईकोर्ट से राहत नहीं, शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया जेल रवाना

सीजी भास्कर, 16 जनवरी। किसी बड़े घोटाले में…

Paddy Procurement Irregularities
Paddy Procurement Irregularities : धान भंडारण में गड़बड़ी उजागर, सरकार ने शुरू की सख़्त कार्रवाई

सीजी भास्कर, 16 जनवरी। जब सिस्टम के भीतर…

Raipur Durg liquor case
Raipur Durg liquor case : अंतरराज्यीय शराब घोटाले की कड़ियां खुलीं, छत्तीसगढ़ में जांच तेज

अंतरराज्यीय शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में…

You Might Also Like

ट्रेंडिंगफीचर्डभिलाई-दुर्गसामाजिक

Nidhan News : दुर्गा काली मंदिर के संस्थापक गुरूजी सुशील कहार नहीं रहे, दुर्ग में होगा अंतिम संस्कार

16/01/2026
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

Bijapur Bulldozer Action: बीजापुर में उजड़ते आशियाने, DRG जवान के घर पर भी चला बुलडोजर

16/01/2026
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

Korba Rice Mill Irregularity: कोरबा में धान घोटाले का खुलासा, दो राइस मिलों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

16/01/2026
छत्तीसगढ़भिलाई-दुर्गराजनीति

Swadeshi Abhiyan Bhilai: घर-घर स्वदेशी का संकल्प, वैशाली नगर मंडल की चाय पर चर्चा में बनी रणनीति

16/01/2026
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?