सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और यातायात अनुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की सीमाओं और आउटर रिंग रोड पर अब हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। इस योजना के तहत राजधानी के 34 प्रमुख स्थानों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पहचानने वाले 184 अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के लगने के बाद आउटर रिंग रोड और उससे जुड़े मार्गों पर अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा।
ये कैमरे विशेष रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP Camera Surveillance) को स्कैन करने में सक्षम होंगे। किसी भी संदिग्ध वाहन, चोरी की बाइक, फरार आरोपित या बिना अनुमति चल रही गाड़ी की पहचान होते ही इसकी जानकारी सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष तक पहुंचेगी। इसके तुरंत बाद नजदीकी गश्ती दल को अलर्ट कर मौके पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस तकनीक से अपराधियों की गतिविधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आधुनिक तकनीक से अपराध और हादसों पर लगाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये कैमरे तेज रफ्तार, रेड सिग्नल जंप, गलत लेन में वाहन चलाने और अन्य यातायात उल्लंघनों को स्वतः रिकॉर्ड करेंगे। इससे न केवल चालान प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। कैमरों की खासियत यह है कि ये रात में भी स्पष्ट दृश्य रिकॉर्ड कर सकेंगे और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की सूक्ष्म जानकारी को पहचानने में सक्षम होंगे।
पूरे प्रोजेक्ट में लगाए जाने वाले प्रत्येक कैमरे को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी संदिग्ध वाहन की मूवमेंट और सटीक लोकेशन का पता तुरंत लगाया जा सकेगा। पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था राजधानी में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
34 स्थानों पर बिछेगा कैमरों का जाल
इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग स्थानों की संवेदनशीलता और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए कैमरों की संख्या तय की गई है। सबसे अधिक 16 कैमरे टाटीबंध चौक पर लगाए जाएंगे, जो राजधानी का प्रमुख प्रवेश और निकास मार्ग है। बड़े चौराहों, पुलों और ओवरब्रिज पर छह से आठ कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि अपेक्षाकृत छोटे और कम यातायात वाले स्थानों पर दो से चार कैमरे लगाए जाएंगे।
इन कैमरों की निगरानी पूरी तरह से नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। भविष्य में इस सिस्टम को अपराध व अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) से भी जोड़े जाने की योजना है। इससे न केवल रायपुर बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने-जाने वाले अपराधियों की पहचान भी संभव हो सकेगी।
पुलिस का दावा, राजधानी बनेगी ज्यादा सुरक्षित
यातायात पुलिस और जिला प्रशासन का दावा है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से राजधानी में अपराध नियंत्रण, चोरी और लूट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही सड़क हादसों में कमी आएगी और यातायात नियमों के पालन की संस्कृति विकसित होगी।
डीएसपी यातायात गुरजीत सिंह के अनुसार, “इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात अनुशासन और सुरक्षा की भावना विकसित करना है। हमारा प्रयास है कि रायपुर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाया जाए।”
इन स्थानों पर लगाए जाएंगे कैमरे
एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे, कांशीराम नगर पुल, राजेंद्र नगर अंडरब्रिज, पचपेड़ी नाका चौक, संतोषी नगर चौक, सेजबहार रोड, भाठागांव चौक, खुड़मुड़ा घाट, कुशालपुर और रायपुरा अंडरब्रिज, महादेव घाट, अरिहंत नगर चौक, टाटीबंध चौक, नंदनवन टर्निंग, हैप्पी ढाबा, तेंदुआ पुल, कर्मा चौक बीरगांव, बेन्द्री और पठारीडीह ओवरब्रिज, नया बायपास धनेली, विधानसभा पुल, कचना चौक, मंदिर हसौद मोड़, सेरीखेड़ी नवा रायपुर मार्ग सहित कुल 34 स्थानों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी। कुल मिलाकर, राजधानी रायपुर में यह हाईटेक कैमरा नेटवर्क अपराधियों के लिए चेतावनी और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा की गारंटी बनने जा रहा है।


