यूबीएस रिपोर्ट : 2028 तक अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी
विकास को प्रोत्साहन देने के लिए RBI 25 आधार अंक घटा सकता है रेपो रेट
सीजी भारत, 17 नवंबर। भारत अगले दो वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक नई छलांग (India Consumer Market) लगाने जा रहा है। स्विट्जरलैंड की वित्तीय संस्था यूबीएस (UBS) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2026 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बन जाएगा और 2028 तक अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत का घरेलू उपभोग (Domestic Consumption) पिछले एक दशक में लगभग दोगुना होकर 2024 में 2.4 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि दर 7.9% CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) रही, जो चीन, अमेरिका और जर्मनी जैसे बड़े देशों से भी अधिक है।
GDP में स्थिर व तेज़ वृद्धि का अनुमान
यूबीएस का अनुमान है कि भारत की वास्तविक GDP वृद्धि
वित्त वर्ष 2027 में 6.4%,
और वित्त वर्ष 2028 में 6.5% रहने की संभावना है।
2027 में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था (India Consumer Market) होगा। इसके बाद फिलीपींस (6.1%) और इंडोनेशिया (5.1%) का स्थान रहेगा।
अमेरिका व चीन की वृद्धि धीमी होने का अनुमान
अमेरिका की जीडीपी वृद्धि
2025 में 1.9%,
2026 में 1.7%,
और 2027 में फिर बढ़कर 1.9% होने का अनुमान है।
चीन की वास्तविक GDP
2025 में 4.9%,
2026 में घटकर 4.5% हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात में गिरावट से प्रभावित हो सकती है।
भारत की ग्रोथ पर जोखिम : अमेरिकी नीति और आउटसोर्सिंग टैक्स
यूबीएस ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिकी आउटसोर्सिंग पर संभावित कर नीति भारत के लिए चुनौती बन सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिकी कंपनियों द्वारा भारतीय सेवाओं को किए जाने वाले भुगतान पर 25% कर लगाया गया, तो इससे 2027 में भारत की GDP वृद्धि लगभग 90 आधार अंकों (India Consumer Market) तक घट सकती है।
RBI कर सकता है 25 आधार अंक की कटौती
यूबीएस का अनुमान है कि 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
विकास को गति देने के लिए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की कटौती कर सकता है।





