सीजी भास्कर, 29 नवंबर। केएल राहुल ने माना कि मौजूदा भारतीय बल्लेबाज़ पहले की तुलना में स्पिन (India Spin Weakness) को कमज़ोर तरीके से खेल रहे हैं और टीम इस समस्या को स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सुनील गावस्कर जैसे पूर्व दिग्गजों से मार्गदर्शन लेने के लिए तैयार हैं। दक्षिण अफ्रीका से 0-2 की टेस्ट सीरीज़ हार के बाद स्पिन के खिलाफ भारत की कमजोरी साफ तौर पर सामने आई है।
भारत के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि मौजूदा भारतीय टेस्ट बल्लेबाज पहले की पीढ़ी की तुलना में स्पिन को प्रभावी तरीके से नहीं खेल पा रहे। राहुल ने कहा कि वह इस गिरावट की सही वजह नहीं जानते, लेकिन खिलाड़ी इस कमी को समझते हैं और इसके समाधान के लिए पूर्व दिग्गजों, खासतौर पर महान सुनील गावस्कर से सीखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि स्पिन खेलना (Spin Batting Improvement) आज की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
India Spin Weakness रांची वनडे से पहले खुलकर बोले राहुल
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची में होने वाले पहले वनडे से एक दिन पहले मीडिया से बातचीत में राहुल—जो शुभमन गिल की गैर मौजूदगी में टीम की अगुवाई कर रहे हैं—ने कहा कि स्पिन के खिलाफ टीम को समस्या है और खिलाड़ियों को इसे व्यक्तिगत स्तर पर सुधारना होगा। उन्होंने यह भी माना कि बल्लेबाज़ों को अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती दोनों पर काम करने की जरूरत है।
राहुल का यह बयान भारत की दक्षिण अफ्रीका से 0-2 की टेस्ट सीरीज़ हार के तुरंत बाद आया है। कोलकाता टेस्ट में स्पिन-अनुकूल पिच पर दक्षिण अफ्रीका के साइमॉन हार्मर और केशव महाराज ने भारत की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह पछाड़ दिया था। भारत 124 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 93 पर ढेर हो गया—जो घरेलू पिच पर टेस्ट में उनका चौथी पारी का सबसे कम स्कोर है। यह स्पिन संघर्ष (Spin Struggle India) का सबसे ताज़ा उदाहरण रहा।
हमसे गलती हुई है… इसे मानना होगा
राहुल ने कहा मैं कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकता। हां, हम पिछले एक-दो सीरीज़ में स्पिन अच्छी तरह नहीं खेल पाए हैं। हमें इसका अहसास है। एक बल्लेबाज़ के तौर पर अपनी कमजोरी पहचानना जरूरी है। आपने गावस्कर सर की बात कही हम उनसे बात कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि स्पिन को बेहतर कैसे खेलें। हम समाधान ढूंढ रहे हैं। यह रातोंरात नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि पहले के बल्लेबाज़ स्पिन को बेहतर क्यों खेलते थे और आज की पीढ़ी क्यों संघर्ष कर रही है। यह कई कारणों का परिणाम हो सकता है, लेकिन टीम इस दिशा में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल ने कहा कि हर खिलाड़ी को अपनी जरूरत के हिसाब से तरीका ढूंढना होगा और टीम इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
हम सीनियर्स से जरूर सीखेंगे
राहुल ने स्वीकार किया कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चरण से पहले भारत को स्पिन के खिलाफ तैयारी (Team India Preparation) में सुधार करना ही होगा। भारत अगले साल अगस्त में श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट खेलेगा और फिर 2027 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज़ खेलेगा। दोनों ही जगह स्पिन बल्लेबाज़ी टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
उन्होंने कहा, छह महीने बाद हमारी श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया आएगी। हम सभी तकनीकी समाधान खोजने की कोशिश करेंगे ताकि स्पिन को बेहतर खेल सकें। हम अपने सीनियर्स से मार्गदर्शन लेंगे और उनसे सीखकर अपने खेल को मजबूत करेंगे।”
