सीजी भास्कर, 28 मार्च। यात्रियों के सफर को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला (Indian Railways Advertisement Ban) लिया है। अब ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर कुछ खास तरह के विज्ञापनों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। रेलवे का साफ कहना है कि कानून के तहत आपत्तिजनक माने जाने वाले किसी भी विज्ञापन को अब अनुमति नहीं दी जाएगी।
किन विज्ञापनों पर लगा है बैन
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि शराब, सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों से जुड़े विज्ञापन अब नहीं दिखेंगे। इसके अलावा अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री वाले विज्ञापन, अन्य परिवहन सेवाओं के प्रमोशनल एड और रेलवे हादसों से जुड़े निजी बीमा विज्ञापन भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की पहल
रेलवे का मानना है कि इस कदम से यात्रियों को एक साफ-सुथरा और सुरक्षित माहौल (Indian Railways Advertisement Ban) मिलेगा। खासकर परिवार और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव सकारात्मक माना जा रहा है।
विज्ञापन से होती है बड़ी कमाई
रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, डिजिटल स्क्रीन और सर्कुलेटिंग एरिया में विज्ञापन के जरिए अच्छी खासी कमाई करता है, जिसे नॉन-फेयर रेवेन्यू कहा जाता है। हालांकि अब इस कमाई के साथ कंटेंट की गुणवत्ता और नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
कैसे मिलता है विज्ञापन का ठेका
रेलवे में विज्ञापन के कॉन्ट्रैक्ट ई-नीलामी के जरिए दिए जाते हैं। इसके लिए Indian Railway E-Procurement System पोर्टल का उपयोग किया जाता है, जहां तय शर्तों को पूरा करने वाली एजेंसियों को ही काम मिलता है।
पहले लेनी होगी अनुमति
ट्रेनों या स्टेशनों पर कोई भी विज्ञापन लगाने से पहले संबंधित रेलवे डिवीजन से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। एजेंसियों को केंद्र और राज्य के सभी नियमों का पालन करना होगा।
नियम तोड़े तो तुरंत कार्रवाई
रेलवे ने चेतावनी (Indian Railways Advertisement Ban) दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी और आपत्तिजनक विज्ञापन हटाए जाएंगे।


