सीजी भास्कर 6 जनवरी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 2025 विश्व कप जीतने के बाद अध्यात्म (Indian Women Cricket Team) की राह चुनी। विश्व विजेता बनने के बाद दीप्ति आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद लेने के लिए वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान महाराज ने उन्हें जीवन और खेल—दोनों में निरंतर सफलता के लिए ऐसे सूत्र बताए, जो हर खिलाड़ी के लिए प्रेरक हैं।
“आपकी जीत, पूरे भारत की मुस्कान है”
प्रेमानंद महाराज ने खेल को अध्यात्म से जोड़ते हुए कहा कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की खुशी का माध्यम है। जब आप मैदान पर जीतती हैं, तो वह जीत केवल आपकी नहीं रहती—हर भारतीय खुद को विजेता महसूस करता है। लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना भी ईश्वर की सेवा का ही एक रूप है।
जीत के बाद ढील नहीं, सावधानी जरूरी
बड़ी कामयाबी के बाद अक्सर ढील आ जाती है, लेकिन महाराज ने दीप्ति को विशेष सावधानी बरतने (Indian Women Cricket Team) की सीख दी। उन्होंने सफलता के तीन स्तंभ बताए—
निरंतर अभ्यास: अभ्यास ही प्रवीणता की कुंजी है। अभ्यास रुका, तो विकास रुक जाता है।
जीत के बाद की चुनौती: जीत के बाद मनोरंजन या आत्मसंतोष में खोना खतरनाक है। असली खिलाड़ी वही है, जो जीत के बाद और अधिक मेहनत करे।
ईश्वर का चिंतन: कौशल के साथ मन की शांति जरूरी है—नाम जप और चिंतन संतुलन बनाए रखते हैं।
रुकना नहीं, सीमाएं लांघनी हैं
महाराज ने अंत में दीप्ति को प्रेरित करते हुए कहा कि खिलाड़ी को कभी ठहरना (Indian Women Cricket Team) नहीं चाहिए। अपनी सीमाओं को लांघते हुए देश का मान बढ़ाते रहना ही सच्ची साधना है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई भक्ति और शक्ति की यह मुलाकात
मुलाकात के दौरान दीप्ति पूरी तरह श्रद्धा भाव में डूबी नजर आईं। हाथ जोड़कर संत के वचनों को सुनती उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनकी सादगी, अनुशासन और आध्यात्मिक झुकाव की जमकर सराहना कर रहे हैं।





