सीजी भास्कर, 19 जनवरी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में दो बड़ी चोरी और डकैती के मामलों का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह का सरगना अपने ही रिश्तेदारों को निशाना बनाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड कान्हा उर्फ हेमंत अग्रवाल था, जो परिवार के भीतर की गतिविधियों और घरों की स्थिति से भली-भांति परिचित (Interstate Theft Gang) था। इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने पहले महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में अपने सगे चाचा के घर चोरी करवाई, फिर गरियाबंद जिले के छुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपनी बहन के ससुराल में डकैती की वारदात को अंजाम दिलवाया।
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब सांकरा थाना में दर्ज एक अपराध की विवेचना के दौरान पुलिस को अहम सूचना मिली। संदेह के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से बाकी आरोपियों को भी दबोच लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले रेकी करते थे और चोरी के बाद जेवरात को अलग-अलग स्थानों पर खपाया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त जेवरात की कीमत करीब 68 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि कुल बरामद सामग्री का मूल्य 93 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपियों की तलाश (Interstate Theft Gang) तेज कर दी गई है। साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर्स की भूमिका की भी जांच चल रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे को जिले में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने यह भी दिखा दिया कि अपराध की साजिश कभी-कभी अपनों के बीच से ही जन्म लेती है।




