सीजी भास्कर, 7 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के आयरन–स्टील सेक्टर से जुड़े कारोबारी नेटवर्क पर इनकम टैक्स विभाग (IT Raid Chhattisgarh) की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। 4 दिसंबर की सुबह शुरू हुई इस छापेमारी में अब तक 45 से अधिक ठिकानों पर तलाशी चल रही है।
शुरुआती जांच में आयकर विभाग ने लगभग 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी की आशंका जताई है। अधिकारियों के अनुसार इस ऑपरेशन में 200 से अधिक इन्वेस्टिगेशन अफसर शामिल हैं, और संभावना जताई जा रही है कि 7 दिसंबर की शाम तक प्राथमिक कार्रवाई पूर्ण हो सकती है।
फर्जी बिलिंग और रूटिंग के संकेत
जांच टीम के अधिकारियों ने कारोबारी समूहों के बयान दर्ज किए हैं। तलाशी के दौरान फर्जी बिलिंग, सर्कुलर रूटिंग, इंटर–कंपनी एंट्री और खर्चों को बढ़ाकर दिखाने जैसी कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रारंभिक अनुमान है कि इस नेटवर्क से 20 से अधिक कंपनियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं, जिससे टैक्स इवेशन की संरचना व्यापक और संगठित मानी जा रही है।
किन कारोबारियों के यहां चल रही छापेमारी
आयकर विभाग हिंदुस्तान कॉइल के अरविंद अग्रवाल, महामाया स्टील के राजेश अग्रवाल, ओम स्पंज के रवि बजाज, राधामणि स्टील के अंकुश अग्रवाल, बिजनेसमैन महेश गोयल सहित उनके रिश्तेदारों, पार्टनर्स और सहयोगियों के लिंक्स से जुड़े कई परिसरों की जांच कर रहा है। छापेमारी के दायरे में रायपुर–सिलतरा इंडस्ट्रियल बेल्ट समेत कई रणनीतिक लोकेशन शामिल हैं।
IT Raid Chhattisgarh कम्प्यूटर्स, हार्ड डिस्क, रजिस्टर जब्त
आईटी अधिकारियों के अनुसार छापेमारी के दौरान कम्प्यूटर, हार्ड डिस्क, लेजर, फाइनेंशियल रजिस्टर, भूमि सौदों के दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा जब्त किया गया है। इनमें से ज्यादातर फाइलों की हाई–इंटेंसिटी क्लोनिंग और वेरिफिकेशन चल रहा है। सिलतरा इंडस्ट्रियल ज़ोन में टीमों ने यूनिट–वाइज प्रोडक्शन रिकॉर्ड, एमएस पाइप यूनिट डॉक्यूमेंट्स, रैक्ड बिलिंग फाइलें और रियल एस्टेट आधारित इन्वेस्टमेंट ट्रेल्स की भी गहन जांच की है।
शुरुआती पैटर्न संकेत देते हैं कि ब्लैक मनी को प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टीज और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कन्वर्ट कर निवेश किया गया हो सकता है। इनकम टैक्स विभाग बड़े स्तर पर टैक्स चोरी के हर एंगल की पुष्टि में जुटा है, जबकि कई दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच अगले चरण में जाएगी।


