सीजी भास्कर, 2 फरवरी | ITMS E-Challan Rule : रायपुर में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने आईटीएमएस कंट्रोल रूम एंड कमांड सेंटर का निरीक्षण करते हुए साफ निर्देश दिए कि अब ट्रैफिक उल्लंघन पर केवल आईटीएमएस कैमरों से बने ई-चालान ही मान्य होंगे। किसी भी स्थिति में मौके पर वसूली या मैनुअल कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मोबाइल और WhatsApp पर पहुंचेगी सूचना
नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा। इसमें उल्लंघन की पूरी जानकारी, तारीख, समय और स्थान दर्ज होगा, ताकि किसी भी तरह की भ्रम या विवाद की स्थिति न बने।
तय समय में भुगतान नहीं तो कोर्ट
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यदि ई-चालान की जुर्माना राशि 90 दिन के भीतर जमा नहीं की जाती, तो मामला अनिवार्य रूप से न्यायालय भेजा जाएगा। कोर्ट में केस पेश करने से पहले वाहन मालिक को विधिवत नोटिस भी जारी किया जाएगा।
चालान बकाया तो सेवाएं ठप
ई-चालान बकाया रहने की स्थिति में परिवहन विभाग से समन्वय कर कई अहम सेवाएं रोक दी जाएंगी। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, वाहन परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, नामांतरण, बीमा और प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र का अपडेट शामिल है। जुर्माना भुगतान के बाद ही ये सेवाएं दोबारा शुरू होंगी।
भुगतान प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम से न केवल चालान भुगतान की दर बढ़ेगी, बल्कि वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेना शुरू करेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी और आरोप-प्रत्यारोप की गुंजाइश खत्म होगी।
नशे और नो-एंट्री पर सीधे अदालत
नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मौके पर एल्कोमीटर से जांच कर ई-चालान तैयार किया जाएगा और मामला सीधे न्यायालय भेजा जाएगा। इसी तरह नो-एंट्री उल्लंघन के मामलों में भी चालान कोर्ट में पेश किए जाएंगे।
खराब कैमरों की तुरंत मरम्मत
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने खराब पड़े आईटीएमएस कैमरों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जब तक कैमरे पूरी तरह सक्रिय नहीं होंगे, तब तक सिस्टम अपने उद्देश्य में सफल नहीं माना जाएगा।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस दौरान एसीपी ट्रैफिक सहित ट्रैफिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ भी मौजूद रहे। बैठक में आईटीएमएस सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।





