सीजी भास्कर, 17 जनवरी। कागज़ों पर दर्ज आंकड़े कभी-कभी ज़मीन की हकीकत बयां नहीं करते, लेकिन जब वही आंकड़े लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी बदल दें, तो वे खुद बोलने (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) लगते हैं। कुछ ऐसा ही बदलाव बीते समय में देखने को मिला है, जहां पानी की तलाश अब ग्रामीण जीवन की सबसे बड़ी चिंता नहीं रही। इसके पीछे एक सुनियोजित अभियान, सख्त निगरानी और जवाबदेही की कहानी छिपी है।
यह जानकारी नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित एक समीक्षा सम्मेलन के दौरान सामने आई, जहां जल जीवन मिशन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 87 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों तक सीधे नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मिशन के आरंभ से पहले यह संख्या बेहद सीमित थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में इसमें तेज़ी से विस्तार हुआ है।
सम्मेलन में बताया गया कि मिशन के तहत लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की गई है। अब तक 28.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि पेयजल जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि योजनाओं की गति के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्य में 6,572 गांवों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 5,564 गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। इनमें से 4,544 गांवों का विधिवत प्रमाणीकरण भी हो चुका है। उल्लेखनीय है कि बीते दो वर्षों में हर घर जल सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में 750 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ग्रामीण जल प्रबंधन में बड़ा बदलाव दर्शाती है।
इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति योजनाओं का हस्तांतरण किया जा चुका (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) है, जिससे स्थानीय स्तर पर संचालन और रखरखाव को मजबूती मिली है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला है और सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को शीघ्र ‘हर घर जल’ राज्य बनाना है।
सम्मेलन में यह भी बताया गया कि मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों हैंडपंप और सीमित नलजल योजनाओं पर निर्भरता थी। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगति पर हैं, जिनसे 3,208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं और लगभग 9.85 लाख नए नल कनेक्शन जोड़े जा चुके हैं। यह बदलाव केवल सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार का संकेत है।





