सीजी भास्कर, 5 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के जालौन ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर सुनने वाले को विचलित (Jalaun Wife MMS Case) कर दिया। दहेज की मांग, प्रताड़ना, मारपीट और अंत में वो वार — जिसने एक युवती की पूरी जिंदगी झकझोर कर रख दी।
पति पर गुनाह सिर्फ इतना नहीं कि उसने पत्नी को पीटा, बल्कि आरोप है कि उसने उसका अश्लील MMS बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। पीड़िता जब अपनी बात कहने राज्य महिला आयोग के सामने पहुंची तो वह फूट-फूटकर रो पड़ी, आवाज़ काँपती रही, और आंखों में लाख सवाल तैरते रहे कि आखिर उसका कसूर क्या था?
शादी के कुछ महीने बाद ही बदल गया व्यवहार
25 फरवरी 2024 — जब झांसी के मोंठ कस्बे, महावीरपुरा निवासी राजा भैया से उसका विवाह हुआ, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही महीनों में यह रिश्ता जख्मों (Jalaun Wife MMS Case) में बदल जाएगा। पीड़िता ने बताया कि शादी के तुरंत बाद ही ससुराल की मांगें बढ़ने लगीं। शुरूआती विवाद सोने की जंजीर को लेकर खड़ा हुआ — नंद के पति व रिश्तेदारों के लिए की गई यह मांग उसके पिता पूरा नहीं कर सके।
धीरे-धीरे माहौल खराब होता गया। ताने, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना रोज़मर्रा का हिस्सा बन गई। 6 अप्रैल 2024 को उसने पहली बार अपनी बहन और पिता को फोन कर सब बताया। बहन ने ससुराल जाकर मामला शांत करने की कोशिश भी की, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए।
जान खतरे में आई, खुद को कमरे में बंद करना पड़ा
30 मई 2024 को मामला इतना उग्र हो गया कि पीड़िता ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। आरोप है कि पति और घरवालों ने कमरे के सुरक्षा ग्रिल काटने की कोशिश की। उसे डर था कि आगे क्या हो सकता है — उसने वह दृश्य मोबाइल में रिकॉर्ड किया और पुलिस तक भेजा। पुलिस पहुंची, उसे सुरक्षित निकाला गया और थाने ले जाया गया। फिर समझौता न होने पर वह मायके चली गई।
इसके बाद जो हुआ, उसने सब कुछ खत्म कर दिया…
मामला शांत हो जाए, ऐसा नहीं हुआ। उल्टा, पीड़िता का आरोप है कि ससुराल ने राजनीतिक दबाव का उपयोग करते हुए उस पर, उसके पिता और रिश्तेदारों पर डकैती का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
और फिर आया वो दिन जिसने उसकी अस्मिता पर सबसे बड़ा वार किया —
पीड़िता बताती है कि 18 अगस्त 2025 को उसके पति ने किसी वीडियो कॉल (Jalaun Wife MMS Case) के दौरान चुपके से उसका MMS रिकॉर्ड किया और बाद में उसे फर्जी फेसबुक ID से वायरल कर दिया। जब उसे इस बात का पता चला तो उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर ID बंद करवाई, मगर जो हो चुका था वह मिट नहीं सका। सम्मान, परिवार, मानसिक शांति — सब टुकड़ों में टूट चुका था।
खाना बंद, आज़ादी बंद, और बोलने की भी मनाही
महिला आयोग के सामने उसने बताया कि ससुराल में उसे खाने-पीने तक से रोका गया। वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी, कई दिनों तक अकेले कमरे में बंद रहना पड़ा।
उसकी दास्तां सुनकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश दिए गए हैं कि पीड़िता पर दर्ज किए गए फर्जी केसों की जांच दोबारा हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आयोग ने महिला को सुरक्षा, कानूनी सहारा और न्याय दिलाने की गारंटी दी है।





