सीजी भास्कर 20 अप्रैल
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)। जनकपुर क्षेत्र के जंगल में महुआ चुनने गए एक ग्रामीण की हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खोहरा, थाना कोटाडोल निवासी प्रेमलाल अपनी पत्नी सुंदरवती के साथ महुआ बीनने जंगल गए थे।
शाम करीब 5 बजे जब दोनों वापस लौट रहे थे, तभी खोहरा पाठ जंगल के अंदर करीब 3 किलोमीटर दूर उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया।
अचानक सामने आए हाथी को देखकर दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने प्रेमलाल को दौड़ाकर पकड़ लिया और बेरहमी से कुचल दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही।
रास्ता बाधित, गांव में डर का माहौल
यह घटना डाकई पारा के पास बिड़ला कंपनी रोड, नौगई मार्ग के पास खाई के समीप हुई। हादसे के बाद से यह रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है और आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्राम पंचायत खोहरा के उपसरपंच चंद्र प्रताप सहित ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—
हाथी की मौजूदगी की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई न मुनादी कराई गई
न ही लोगों को जंगल जाने से रोका गयाग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर सूचना दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
देर से पहुंची टीम, बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के 12 से 14 घंटे बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
इसके अलावा, पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा नहीं मिलने से भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है।


