सीजी भास्कर, 16 दिसंबर | Janjgir Champa Collector Meeting : जांजगीर-चांपा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिक योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान धान खरीदी व्यवस्था और मध्याह्न भोजन योजना को लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
धान खरीदी को बताया संवेदनशील कार्य
कलेक्टर महोबे ने कहा कि धान खरीदी किसानों की आजीविका से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील कार्य है। इसमें पारदर्शिता और सतर्कता सबसे जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध धान परिवहन, भंडारण और खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नोडल अधिकारियों को खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
किसान पंजीयन और ‘तुहर टोकन’ पर विशेष जोर
बैठक में किसान पंजीयन और ‘तुहर टोकन’ से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 24×7 टोकन सुविधा का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।
Mid Day Meal की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शासकीय स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था में लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
जांच दल गठित, नियमित निरीक्षण अनिवार्य
कलेक्टर ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए जांच दल गठित करने के निर्देश दिए। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आदिवासी छात्रावासों में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और निर्धारित मापदंडों का लगातार परीक्षण कराया जाए।
टेस्टिंग रजिस्टर और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भोजन परोसने से पहले शिक्षकों द्वारा चखकर परीक्षण अनिवार्य होगा। इसके लिए प्रतिदिन टेस्टिंग रजिस्टर में हस्ताक्षर किए जाएंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
बैठक के अंत में कलेक्टर महोबे ने दोहराया कि शासन की योजनाएं कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। धान खरीदी हो या बच्चों का भोजन—हर व्यवस्था जवाबदेही और ईमानदारी से संचालित होनी चाहिए।





