सीजी भास्कर, 24 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने (Janjgir-Champa Crime) आई है। बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करही में बीती रात बदमाशों ने नकाब ओढ़कर मौत का ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका दहशत के साये में है। सीमेंट-रेत के बड़े व्यवसायी और ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे हथियारबंद लुटेरों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें उनके बड़े बेटे की जान चली गई, जबकि छोटा बेटा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
साजिश के तहत घर में घुसे नकाबपोश (Janjgir-Champa Crime)
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात की प्लानिंग बेहद शातिर तरीके से की गई थी। देर रात जब परिवार गहरी नींद में था, तब तीन नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। बदमाशों का इरादा लूटपाट का था, लेकिन जैसे ही परिवार के सदस्यों की आंख खुली, लुटेरों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी।
कमरे किए बाहर से बंद, फिर बरसाईं गोलियां
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने घर के अन्य सदस्यों को उनके कमरों में बाहर से कुंडी लगाकर कैद कर दिया, ताकि कोई शोर न मचा सके या मदद के लिए बाहर (Janjgir-Champa Crime) न आ सके। इसी बीच, बदमाशों ने बड़े बेटे आयुष कश्यप को निशाना बनाते हुए दो गोलियां दाग दीं। गोलियां सीधे आयुष के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं, बीच-बचाव करने आए छोटे बेटे आशुतोष कश्यप को भी बदमाशों ने नहीं बख्शा। उसके दाहिने हाथ में गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए।
अस्पताल में भर्ती घायल, विधायक ने जाना हाल
खून से लथपथ आशुतोष को आनन-फानन में बिर्रा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल जांजगीर रेफर (Janjgir-Champa Crime) कर दिया गया है। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप देर रात ही जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल युवक का हालचाल जाना और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। विधायक ने पुलिस के आला अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि आरोपियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाए।
पुलिस की घेराबंदी, इलाके में सन्नाटा
इस खूनी वारदात के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गांव के चारों ओर नाकाबंदी कर दी है और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम भी मौके से सबूत जुटा रही है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी हमलावरों का सुराग नहीं लग पाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।


