सीजी भास्कर, 24 अप्रैल |
रायपुर/सक्ति। 14 अप्रैल को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे पश्चिम बंगाल के मजदूर विश्वजीत साहू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद मौतों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, विश्वजीत साहू का इलाज रायपुर के श्री शंकरा हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां उन्हें निगरानी में रखा गया था। इलाज के दौरान अचानक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे के दिन बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
मामले में पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उच्च स्तरीय जांच जारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच को पारदर्शी बनाने के लिए आमजन, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य व दस्तावेज मांगे गए हैं।
जो भी व्यक्ति इस घटना से जुड़ी जानकारी देना चाहता है, वह 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।
बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा है कि जांच का उद्देश्य हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग की अपील की है।


