सीजी भास्कर, 27 जुलाई। गुरुग्राम के चर्चित डबल डेथ केस में नया मोड़ सामने (Gurugram Double Death Case) आया है। महिला सहकर्मी की मौत और उसके कुछ समय बाद रेलवे ट्रैक पर एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक का शव मिलने के मामले में अब परिवार ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। मृतक के पिता का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले उनके बेटे को हत्यारा बताना न सिर्फ जल्दबाजी है, बल्कि न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच सभी पहलुओं से की जाए। उनका कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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पिता ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर उठाए सवाल Gurugram Double Death Case
मृतक के पिता दीपक मलिक ने कहा कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने कभी ऐसा व्यवहार नहीं देखा जिससे लगे कि वह किसी की हत्या कर सकता है। उन्होंने कहा कि घटना वाली रात वास्तव में क्या हुआ, इसका पता कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना सही नहीं है।
कंपनी परिसर में नहीं मिलने दिया प्रवेश
दीपक मलिक ने दावा किया कि घटना के बाद जब वे गुरुग्राम पहुंचे तो उन्हें कंपनी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बेटे के सहकर्मियों से मिलने की अनुमति नहीं मिली। उनके अनुसार यदि सहकर्मियों से बातचीत होती तो मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती थीं।
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प्रेम संबंध की चर्चाओं को किया खारिज Gurugram Double Death Case
परिवार ने श्रेष्ठ मलिक और मृत महिला सहकर्मी के बीच प्रेम संबंध या लिव-इन रिलेशनशिप की चल रही चर्चाओं को भी खारिज किया है। पिता का कहना है कि युवती ने घटना से दो दिन पहले अपना कमरा खाली कर दिया था। ऐसे में वह सीधे श्रेष्ठ के कमरे में क्यों पहुंची, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है और इसकी गहराई से पड़ताल होनी चाहिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जब्त सामान की जानकारी मांगी
परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान की जानकारी भी साझा नहीं की गई है। परिजनों ने आग्रह किया है कि जांच किसी एक थ्योरी तक सीमित न रखी जाए और सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाए।
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क्या है पूरा मामला Gurugram Double Death Case
श्रेष्ठ मलिक ने एनआईटी रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और पिछले वर्ष गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में एआई इंजीनियर के रूप में नौकरी शुरू की थी। फिलहाल पुलिस शुरुआती जांच के आधार पर महिला की हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका (Gurugram Double Death Case) जता रही है। हालांकि परिवार इस निष्कर्ष से सहमत नहीं है और उनका कहना है कि पूरी जांच होने तक किसी भी तरह का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
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