सीजी भास्कर, 27 जुलाई। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता (Malaria Outbreak) जा रहा है। सरकारी छात्रावासों में फैले संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों में मलेरिया की चपेट में आने से दो 9 वर्षीय छात्रों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य छात्र संक्रमित पाए गए हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
मानसून के बीच सामने आए इस मामले ने छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने प्रभावित छात्रावासों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
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सरकारी छात्रावास में दो छात्रों की मौत Malaria Outbreak
मामला कांकेर जिले के इरादाह और मर्दापोटी छात्रावास का है। मृत बच्चों की पहचान डोमाहर्रा निवासी 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा और मर्दापोटी छात्रावास के 9 वर्षीय सुभाष कुमेटी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को डोमाहर्रा की तीन सगी बहनों को तेज बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 25 जुलाई को करीना विश्वकर्मा की मौत हो गई, जबकि उसकी दोनों बहनों का इलाज जारी है।
वहीं मर्दापोटी छात्रावास में रहने वाले छात्र सुभाष कुमेटी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए। हालत गंभीर होने पर रविवार को जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
11 छात्र मिले मलेरिया पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इरादाह और मर्दापोटी छात्रावास के 11 बच्चे मलेरिया पॉजिटिव (Malaria Outbreak) पाए गए हैं। सभी संक्रमित छात्रों का इलाज किया जा रहा है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरसी ठाकुर ने बताया कि जिले में अचानक मलेरिया का आउटब्रेक सामने आया है। छात्रावासों में लगातार स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को सभी छात्रावासों में जांच कराई गई थी और रिपोर्ट सामान्य थी। हालांकि 24 जुलाई के बाद अचानक मलेरिया के मामले तेजी से सामने आने लगे।
छात्रावासों में बढ़ाई गई निगरानी
प्रशासन ने सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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मलेरिया के प्रमुख लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।
ठंड लगकर तेज बुखार आना
कंपकंपी लगना
तेज सिरदर्द
पेट दर्द, उल्टी या दस्त
दवा लेने के बाद भी बार-बार बुखार आना
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
अत्यधिक कमजोरी और थकान
अधिक पसीना आना
खून की कमी होना
गंभीर स्थिति में मल में खून आना
समय पर जांच और इलाज से मलेरिया का प्रभावी उपचार संभव (Malaria Outbreak) है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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