सीजी भास्कर, 2 मार्च। छत्तीसगढ़ में बोर्ड और होम एग्जाम का दौर जारी है, ठीक इसी बीच जशपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के सेवानिवृत्त हो जाने से स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल (Jashpur Incharge DEO Order) खड़े हो गए हैं। परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में पूर्णकालिक DEO की नियुक्ति न होना प्रशासनिक तैयारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार भटनागर 28 फरवरी 2026 को सेवा निवृत्त हो गए। जबकि बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और आगे मूल्यांकन व परिणाम जारी करने जैसी अहम प्रक्रियाएं भी प्रस्तावित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था न करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
कलेक्टर ने जारी किया तत्काल आदेश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जशपुर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से प्रभारी DEO की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, नरेन्द्र कुमार सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा जशपुर को अगामी आदेश तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।
यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के 21 फरवरी 2026 के पत्र के संदर्भ में जारी (Jashpur Incharge DEO Order) किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, जिससे परीक्षा संचालन और अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान न आए।
सिस्टम पर उठे सवाल
शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति की जानकारी पहले से उपलब्ध रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि परीक्षा जैसे अहम समय में नियमित DEO की नियुक्ति क्यों नहीं की गई।
बोर्ड परीक्षा के बाद स्थानीय स्तर पर आंतरिक परीक्षाएं, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह पूरा तंत्र DEO की निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित होता है। ऐसे में पद रिक्त रहना व्यवस्था पर असर डाल सकता था।
किन-किन को भेजी गई सूचना
जारी आदेश की प्रति सचिव, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, आयुक्त सरगुजा संभाग, जिला पंचायत सीईओ जशपुर, जिला कोषालय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों और जिले के सभी प्राचार्यों को प्रेषित की गई है।
फिलहाल प्रभारी DEO की नियुक्ति से परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने का प्रयास (Jashpur Incharge DEO Order) किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग की पूर्व तैयारी और समन्वय क्षमता पर उठे सवालों का जवाब प्रशासन को देना होगा।






