रायपुर, 25 अगस्त : छत्तीसगढ़ में डाक्टरों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA Raipur) ने 24 अगस्त को चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इंटर्न, स्नातकोत्तर रेजिडेंट डॉक्टर, बंधपत्रित चिकित्सा अधिकारी और वरिष्ठ रेजिडेंट के मानदेय में बढ़ोतरी समेत डॉक्टरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों के जल्द निराकरण की मांग की है।
17 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में चिकित्सा इंटर्न, स्नातकोत्तर रेजिडेंट डॉक्टर, वरिष्ठ रेजिडेंट, बंधपत्रित डॉक्टर, डीएम/एमसीएच रेजिडेंट, सेवा में कार्यरत और संविदा डॉक्टरों से जुड़े 17 मुद्दों को शामिल किया गया है। JDA Raipur ने शासन से इन मांगों पर समयबद्ध और सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
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इंटर्न के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग
ज्ञापन में एमबीबीएस इंटर्न के वर्तमान मानदेय को बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। संगठन के अनुसार वर्तमान में इंटर्न को 15,900 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। इसे बढ़ाकर 30,000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
इसके अलावा स्नातकोत्तर रेजिडेंट, वरिष्ठ रेजिडेंट और बंधपत्रित चिकित्सा अधिकारियों के मानदेय सहित सेवा शर्तों और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों को भी मांगपत्र में शामिल किया गया है।
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डॉक्टरों की सेवा शर्तों में सुधार की मांग
JDA Raipur ने डॉक्टरों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां, सेवा शर्तों में समानता और उचित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अस्पतालों में लगातार जिम्मेदारी निभाने वाले डॉक्टरों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में जरूरी सुधार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में डॉक्टरों के भविष्य की सुरक्षा और न्यायसंगत कार्य व्यवस्था से संबंधित मांगों को भी प्रमुखता से रखा गया है।
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मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और हड़ताल
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो छत्तीसगढ़ में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने जरूरत पड़ने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है।
JDA Raipur का कहना है कि उनकी मांगें केवल मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डॉक्टरों की सेवा शर्तों, कार्य व्यवस्था और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी इसमें शामिल हैं।
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17 मांगें, एक संघर्ष और एक आवाज
जूनियर डॉक्टरों ने शासन से सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि डॉक्टरों के अधिकारों और बेहतर कार्य व्यवस्था के लिए वह आगे भी अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा। अब मांगों पर शासन की कार्रवाई का इंतजार है।




