सीजी भास्कर, 25 अगस्त : राखी थाने के एक मामले की विवेचना के दौरान जबरन दबाव बनाकर अवैध वसूली और पैसे ऐंठने की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं करने और पद का अनुचित उपयोग किए जाने की बात सामने आने पर प्रोविजनल सब इंस्पेक्टर महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया गया है।
विवेचना के दौरान शिकायत, विभाग ने लिया संज्ञान
रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने 24 अगस्त 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार परि. उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे थाना राखी के अपराध क्रमांक 10/2026 की विवेचना कर रहे थे। इसी दौरान उनके खिलाफ जबरन दबाव बनाकर अवैध वसूली करने और पैसे ऐंठने संबंधी शिकायत मिली।
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प्रारंभिक जांच में पद के दुरुपयोग की बात
शिकायत की प्रारंभिक जांच में पुलिस विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं करने और अपने पद का अनुचित उपयोग करने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर कदाचरण का परिचायक माना। इसके बाद विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। पद के दुरुपयोग (Police Misconduct) से जुड़ी इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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24 अगस्त की दोपहर बाद से निलंबन प्रभावी
जारी आदेश के मुताबिक महेश कुमार ओगरे को 24 अगस्त 2026 की अपराह्न से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस लाइन, रायपुर ग्रामीण से संबद्ध किया गया है। उनका मुख्यालय भी पुलिस लाइन, रायपुर ग्रामीण निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
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विभागीय जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को विवेचना के दौरान अधिकारी द्वारा अपने पद और अधिकारों के कथित अनुचित इस्तेमाल के मामले में गंभीर कदम माना जा रहा है। हालांकि आदेश में आरोपों को प्रथम दृष्टया सामने आया कदाचरण बताया गया है। अंतिम रूप से जिम्मेदारी का निर्धारण विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई के आधार पर होगा। यह मामला अब पुलिस अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच और उसके निष्कर्षों पर टिका है।




