सीजी भास्कर, 11 जून : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में चर्चित सराफा व्यापारी हत्याकांड (Jewellery Trader Murder Case) और लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य शूटर समेत तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज वारदात में शामिल सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के खुलासे में तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और विभिन्न राज्यों में चलाए गए विशेष अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
लूट का विरोध करने पर व्यापारी को मारी गई गोली
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी को निशाना बनाया था। बदमाश उनके पास मौजूद सोने-चांदी से भरा बैग लूटने की योजना बनाकर पहुंचे थे। वारदात के दौरान जब व्यापारी ने लूट का विरोध किया तो मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने कट्टा निकालकर उन पर गोली चला दी।
गोली लगने से प्रदीप सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कई दिनों से व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और वारदात को अंजाम देने से पहले उनकी रेकी की गई थी। पुलिस के अनुसार अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से पूरी योजना तैयार की थी।
मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले का रहने वाला खुशीराम साहू था। उसने अपने भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांश शुक्ला की मदद से व्यापारी को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से मनीष मंडल उर्फ राहुल और सुजीत उर्फ राजू दास को बुलाया गया था, जबकि झारखंड से संतोष दास को शामिल किया गया। सभी आरोपियों ने मिलकर लूट और हत्या की साजिश को अंजाम दिया।
घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित एक मकान में पहुंचे, जहां लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहले मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद बिहार और झारखंड में दबिश देकर मुख्य शूटरों को भी पकड़ लिया गया।
सोना-चांदी, हथियार और वाहन बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 40 ग्राम सोना, करीब साढ़े चार किलो चांदी, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। बरामद सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी। लूटे गए सामान को रखने में इस्तेमाल किए गए डिब्बों और पैकिंग सामग्री को जला दिया गया था ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। हालांकि पुलिस ने लगातार जांच करते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने लूटे गए कुछ आभूषण रेलवे ट्रैक के पास और कुछ पहाड़ी क्षेत्र में छिपाकर रखे थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी भी जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।



