सीजी भास्कर, 28 अगस्त : झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र का आज अंतिम दिन रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही (Jharkhand Assembly Monsoon Session) में हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर वोट चोरी का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने गोड्डा एनकाउंटर और रिम्स-2 को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
विपक्ष ने विश्वविद्यालय विधेयक को लेकर भी सदन के वेल में नारेबाजी की। लगातार शोर-शराबे के बीच स्पीकर ने विधायकों को चेतावनी दी, लेकिन हालात काबू में न आने पर कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। सदन के बाहर भी राजनीतिक तापमान बढ़ा। मांडू विधायक तिवारी महतो अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चैनपुर और कर्मा को अलग प्रखंड का दर्जा देने तथा दाड़ी प्रखंड को रामगढ़ जिले में शामिल करने की मांग की। विधायक का कहना था कि यह मुद्दा कई बार सरकार के सामने रखा गया है लेकिन हर बार अनदेखी हुई। धरने से स्थानीय राजनीति में हलचल और तेज हो गई।
इसी बीच सदन की दूसरी पाली में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव (Jharkhand Assembly Monsoon Session) में पारित किया गया। इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुझाव दिया कि इस सूची में विनोद बिहारी महतो और जयपाल सिंह मुंडा के नाम भी शामिल किए जाएं। इस पूरे सत्र में आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक गरमाहट के बीच भी यह फैसला राज्य की राजनीति और आदिवासी नेतृत्व के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। (Jharkhand Assembly Monsoon Session) के आखिरी दिन का यह प्रस्ताव झारखंड की पहचान और संघर्ष की विरासत को सम्मान देने का प्रतीक बन गया।