सीजी भास्कर, 23 मई। सक्ती जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में हुए चर्चित गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, मैगजीन और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन, पुरानी रंजिश और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा को हत्या की वजह बताया गया है। (Karahi firing incident revealed)
7 राज्यों में चली पुलिस की तलाश : Karahi firing incident revealed
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। साइबर और खुफिया टीमों की मदद से लगातार संदिग्धों पर नजर रखी गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत सात राज्यों में दबिश दी।
गिरफ्तार आरोपियों में भूषण बघेल, हेमंत कुमार बघेल और अमित टंडन शामिल हैं। तीनों आरोपी सक्ती जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
घर में घुसकर की गई थी फायरिंग
घटना 23 अप्रैल की रात करही गांव में हुई थी। तीन नकाबपोश बदमाश व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर के पीछे के रास्ते से अंदर घुसे थे। आरोपियों ने उस कमरे में पहुंचकर फायरिंग की, जहां आयुष कश्यप अपने भाई और बहन के साथ सो रहा था।
हमलावरों ने 19 वर्षीय आयुष कश्यप पर दो राउंड फायर किए। गोली सीने और कनपटी में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके भाई आशुतोष कश्यप के हाथ में भी गोली लगी थी। घटना के दौरान पैसों की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है।
राजनीतिक और कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़ा परिवार : Karahi firing incident revealed
मृतक आयुष कश्यप व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप का बेटा था और हाल ही में रेत कारोबार से जुड़ा था। घटना वाली रात वह रेत से जुड़े काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था और देर रात घर लौटा था।
सम्मेलाल कश्यप क्षेत्र के कारोबारी होने के साथ ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं। वे पूर्व उपसरपंच रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी भी गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। पुलिस फिलहाल पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है।



