सीजी भास्कर, 29 मई : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जुड़ा एक कथित वीडियो इंटरनेट मीडिया (Katghora Hospital Controversy Video ) पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। वीडियो में कुछ नर्सें वेस्टर्न म्यूजिक की धुन पर कैटवॉक करतीं, केक काटतीं और जन्मदिन मनाते नजर आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह पूरा जश्न अस्पताल परिसर के भीतर ही मनाया गया है।
मरीजों के परिजनों में नाराजगी
अस्पताल के भीतर हुए इस कथित जश्न (Katghora Hospital Controversy Video ) के बाद वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मरीज के एक परिजन आमिर खान ने बताया कि अस्पताल में इस भीषण गर्मी के दौरान पीने के साफ पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। वार्डों में हवा के लिए लगाया गए कूलर बंद पड़े हैं, चारों तरफ गंदगी का आलम है और शौचालयों से आ रही बदबू के कारण वार्ड में बैठना दूभर हो गया है। परिजनों का कहना है कि एक तरफ मरीज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा इस तरह का जश्न मनाना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
पांच महीने पहले हुई घोषणाएं अब भी अधूरी
कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Katghora Hospital Controversy Video ) की बदहाली इन दिनों लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र में पड़ रही कड़े मिजाज की गर्मी और उमस के बीच भर्ती मरीज और उनके नवजात बच्चे परेशान हैं। गौरतलब है कि लगभग पांच महीने पहले सूबे के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अस्पताल को पूरी तरह वातानुकूलित (AC) बनाने की घोषणा की थी। परंतु, जमीनी हकीकत यह है कि अस्पताल में लगे साधारण कूलर भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण शासकीय घोषणाओं और धरातल की व्यवस्था में बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि परिसर में जमा कचरे के ढेर और अस्वच्छता के कारण अस्पताल में संक्रामक बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ सकता है।
ओपीडी समय पर जश्न मनाने के आरोप
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस (Katghora Hospital Controversy Video) मामले में स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों ने यह केक काटने और वीडियो बनाने का काम ओपीडी (OPD) के निर्धारित समय के दौरान ही किया, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति पर भी उंगली उठाई है। शिकायत है कि गंभीर मरीजों को जांच के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि कुछ चिकित्सकों पर सरकारी ड्यूटी के बजाय अपने निजी क्लीनिकों को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
100 बिस्तर अस्पताल की भविष्य की चिंताओं पर सवाल
शासन द्वारा कटघोरा में 100 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल के निर्माण की घोषणा की गई है। इस पर स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वर्तमान में संचालित पुराने 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था ही पटरी पर नहीं है और वहां पर्याप्त स्टाफ की कमी है, तब इतने बड़े अस्पताल के सुचारू संचालन को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के निर्देश
इस पूरे (Katghora Hospital Controversy Video) विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कोरबा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एसएन केसरी ने कहा कि फिलहाल शुरुआती तौर पर यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वायरल वीडियो कटघोरा अस्पताल परिसर का ही है या किसी अन्य निजी स्थान का। विभाग द्वारा इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट होगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियम सम्मत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




