सीजी भास्कर, 20 मई। केरल में नई सरकार बनने के बाद अब मंत्रियों के विभागों का बंटवारा (Kerala Cabinet) भी हो गया है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में पूरे दिन राजनीतिक हलचल बनी रही और किस नेता को कौन सा विभाग मिलेगा इसको लेकर लगातार चर्चाएं चलती रहीं। आखिरकार सरकार की ओर से विभागों की सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं।
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कई अहम विभाग अपने पास रखे हैं जबकि वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। नई कैबिनेट में कई बड़े नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मुख्यमंत्री के पास रहे कई बड़े विभाग : Kerala Cabinet
जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह समेत कुल 35 विभाग अपने पास रखे हैं। सरकार का मानना है कि इन विभागों के जरिए प्रशासनिक फैसलों और विकास योजनाओं की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से की जा सकेगी।
रमेश चेन्निथला को गृह विभाग
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता विभाग सौंपा गया है। इसके अलावा उन्हें तीन अन्य विभागों की जिम्मेदारी भी दी गई है। नई सरकार में यह विभाग सबसे ज्यादा चर्चा में रहा क्योंकि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी से जुड़े कई फैसले अब उनके हाथ में रहेंगे।
कई नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
पी के कुन्हालीकुट्टी को उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वस्त्र समेत कई विभाग (Kerala Cabinet) दिए गए हैं। सनी जोसेफ को बिजली और पर्यावरण विभाग मिला है जबकि के मुरलीधरन स्वास्थ्य और देवस्वम विभाग संभालेंगे। इसके अलावा रोजी एम जॉन को उच्च शिक्षा और ए पी अनिल कुमार को भूमि एवं राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व
सरकार में सहयोगी दलों को भी महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। आरएसपी के शिबू बेबी जॉन को वन एवं वन्य जीव और कौशल विकास विभाग सौंपा गया है। वहीं केरल कांग्रेस के मोन जोसेफ को सिंचाई, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
धर्मनिरपेक्ष रुख पर भी दिया बयान
मंत्रिमंडल गठन के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि सरकार अपने धर्मनिरपेक्ष रुख से कोई समझौता (Kerala Cabinet) नहीं करेगी। उन्होंने साफ कहा कि सांप्रदायिकता का विरोध सरकार की प्राथमिकता रहेगा और इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।



