सीजी भास्कर, 15 दिसंबर। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कांग्रेस पर जम कर हमला बोला है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मांफी मांगने के लिए कहा है। अब सवाल है कि आखिर कांग्रेस ने ऐसा क्या किया जिससे रिजिजू इतना भड़क गए हैं? दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित की गई रैली से शुरू हुआ है।
रविवार को रामलीला मैदान में हुई रैली के दौरान विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जम कर बयानबाजी और नारेबाजी की। केवल पीएम ही नहीं बल्कि गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों लिया गया। यही वजह है कि किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और खड़गे पर पलटवार किया है। तो चलिए विस्तार से समझते हैं पूरा मामला।
‘राहुल-खड़गे को माफी मांगनी चाहिए’
‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस की मेगा रैली के दौरान PM मोदी के खिलाफ नारेबाजी पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह किस तरह की मानसिकता है जो विरोधियों को मारने के बारे में सार्वजनिक घोषणा करती है? अगर कुछ विपक्षी नेता PM को मारने की बात करते हैं, तो यह सच में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सिर्फ निंदा करना काफी नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता को संसद में माफी मांगनी चाहिए, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। मुझे लगता है कि अगर उनमें थोड़ी भी इंसानियत बची है और अगर कांग्रेस पार्टी देश को कोई सम्मान देना चाहती है, तो उन्हें देरी नहीं करनी चाहिए और संसद के फ्लोर से देश से माफी मांगनी चाहिए। तभी हम मानेंगे कि उन्होंने गलती की और कांग्रेस पार्टी ने गलती मानी।
कब गरमाया सियासी माहौल?
मालूम हो कि, कांग्रेस ने रविवार (14 दिसंबर) को ‘वोट चोरी’ और एसआईआर के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया था। इस विशाल रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे।
अपने संबोधन में सभी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जम कर हमला बोला था। विपक्ष के नेता ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कॉन्फिडेंस अब खत्म हो गया है और अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) के हाथ कांपने लगे हैं। वो जानते हैं कि उनकी चोरी पकड़ ली गई है। इस रैली के बाद से ही सियासी गलियारों में वार-पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है।
(Kiren Rijiju) पैसे बांटने का आरोप
राहुल गांधी ने रैली के दौरान बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव के समय 10 हजार रुपये दिए गए। चुनाव भी बीजेपी के साथ मिलीभगत करके काम कर रहा है। पीएम मोदी ने कानून बदलकर यह पक्का कर दिया कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती, चाहे वह कुछ भी कर लें।


