सीजी भास्कर, 26 जून : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल से हाथियों का एक दुर्लभ और मनमोहक दृश्य सामने आया है। ऐतमा नगर परिक्षेत्र स्थित सलिहाभाठा जलाशय में 13 हाथियों का झुंड जलक्रीड़ा करता और ‘डस्ट बाथ’ लेते हुए कैमरे में कैद हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे (Korba Elephant Video) ने वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वन विभाग के अनुसार यह झुंड लंबे समय से इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है और गर्मी के मौसम में जलस्रोतों की ओर पहुंच रहा है।
जलक्रीड़ा करते दिखे हाथियों के झुंड का अनोखा नजारा
वायरल (Korba Elephant Video) में हाथियों का पूरा झुंड सलिहाभाठा जलाशय में उतरकर मस्ती करता दिखाई दे रहा है। कुछ हाथी अपनी सूंड़ से एक-दूसरे पर पानी उछालते नजर आ रहे हैं, जबकि कई हाथी पानी में लोट लगाकर गर्मी से राहत लेते दिख रहे हैं। जलाशय में हाथियों की स्वाभाविक गतिविधियां देखने के लिए यह दृश्य काफी दुर्लभ माना जा रहा है।
‘डस्ट बाथ’ से त्वचा को मिलता है प्राकृतिक संरक्षण
जलक्रीड़ा के बाद कई हाथी जलाशय के किनारे सूंड़ से धूल और मिट्टी उठाकर अपने शरीर पर डालते दिखाई दिए। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रक्रिया को ‘डस्ट बाथ’ कहा जाता है। (Korba Elephant Video) में दिखाई देने वाली यह प्राकृतिक आदत हाथियों को तेज धूप, गर्मी और त्वचा पर हमला करने वाले कीड़ों से बचाने में मदद करती है। धूल की परत उनकी त्वचा के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है।
वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हुआ अलर्ट
(Korba Elephant Video) सामने आने के बाद कटघोरा वन विभाग ने सलिहाभाठा जलाशय और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। वन अमला लगातार गश्त कर रहा है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
ग्रामीणों को दी गई सतर्क रहने की सलाह
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों को सलाह दी है कि हाथियों के दिखाई देने पर शोर-शराबा न करें, पटाखे न जलाएं और उन्हें किसी भी प्रकार से उकसाने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि (Korba Elephant Video) में दिखाई दे रहे हाथी सामान्य व्यवहार कर रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ मानव-वन्यजीव संघर्ष का कारण बन सकती है।
ड्रोन और सीसीटीवी से हो रही निगरानी
वन विभाग के अनुसार कटघोरा वनमंडल में लगभग 50 हाथियों का स्थायी दल विचरण करता है, जो अक्सर जलस्रोतों और खेतों के आसपास पहुंच जाता है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि (Korba Elephant Video) जैसे मामलों में निगरानी व्यवस्था से समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।



