रायपुर, 13 अगस्त। रायगढ़ में सड़क किनारे खड़े ट्रेलर का डाला चोरी होने के बाद पुलिस ने ऐसा सुराग तलाशा, जिसने पूरे मामले की कड़ियां (Trailer Theft) जोड़ दीं। पुलिस ने करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर चोरी के रास्ते को ट्रेस किया और आखिरकार तीन आरोपियों तक पहुंच गई। जांच में सामने आया कि चोरी किया गया डाला रायपुर ले जाकर 4 लाख 30 हजार रुपये में बेच दिया गया था।
पुलिस की जांच में एक नीले रंग की कार भी अहम कड़ी बनी, जो चोरी के दौरान ट्रेलर की पायलटिंग कर रही थी। कैमरों से मिले फुटेज के आधार पर पुलिस ने वाहन का रूट खंगाला और रायपुर के कबीरनगर इलाके तक पहुंची। इसके बाद आरटीओ रिकॉर्ड और पूछताछ के जरिए पुलिस ने मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली।

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सड़क किनारे खड़े ट्रेलर को बनाया निशाना Trailer Theft
मामला 27 जुलाई की रात का है। उर्दना बैरियर और सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे एक ट्रेलर खड़ा था। आरोपियों ने इसी ट्रेलर के डाले को निशाना बनाया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चोरी किए गए डाले को दूसरे ट्रेलर के इंजन से जोड़ा और उसे लेकर रायपुर की ओर निकल गए। रास्ते में मुख्य मार्ग से बचते हुए बाइपास और कच्चे रास्तों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
300 सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
ट्रेलर का डाला चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटानी शुरू की। करीब 300 कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद एक नीले रंग की कार पुलिस की नजर में आई।
पुलिस ने कार की आवाजाही का रूट अलग अलग कैमरों से जोड़ते हुए आगे की जांच की। इसी दौरान वाहन का रास्ता रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक पहुंचा। इसके बाद आरटीओ रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ट्रेलर मालिक जसविंदर सिंह उर्फ राहुल तक पहुंची।
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तीन आरोपियों ने कबूली वारदात
पूछताछ के दौरान जसविंदर सिंह ने अपने साथी पवनदीप सिंह और संदीप कुमार खत्री के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलतरा से चोरी किया गया डाला और इंजन बरामद किया गया। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है।
कार और मोबाइल भी जब्त
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल नीले रंग की कार को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी ड्राइविंग का काम करते हैं।
ड्राइविंग के दौरान वाहनों और अलग अलग रास्तों की जानकारी होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने चोरी के बाद डाले को रायपुर तक पहुंचाया था। वहां इसे 4 लाख 30 हजार रुपये में बेच दिया गया।
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खरीददार अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक चोरी का डाला खरीदने वाला हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी के सामान की खरीद फरोख्त में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हैं।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।
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