सीजी भास्कर 20 जनवरी Liquor Scam Supreme Court Case : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में अब कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। इस मामले में जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती दी है, वहीं पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने जमानत के लिए शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल की है।
सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी पर सवाल
निलंबित IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया, जो पूर्व में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं, उन्होंने ED द्वारा की गई गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में गिरफ्तारी की प्रक्रिया, अधिकार क्षेत्र और जांच की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।
एजेंसियों के गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि सौम्या चौरसिया ने अपने पद और प्रभाव का उपयोग करते हुए शराब कारोबार से जुड़े एक संगठित नेटवर्क को संरक्षण दिया। कहा जा रहा है कि नीति निर्धारण से लेकर प्रशासनिक फैसलों तक में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है, साथ ही अवैध लेन-देन से जुड़े कुछ अहम संपर्क भी जांच के दायरे में हैं।
कवासी लखमा की जमानत याचिका
इसी प्रकरण में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी जमानत याचिका में लंबे समय से जेल में बंद होने और जांच में सहयोग का हवाला दिया है। उनकी गिरफ्तारी 15 जनवरी 2025 को हुई थी।
28 जनवरी को होगी सुनवाई
दोनों याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई को मामले के लिए निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद जांच की दिशा और आरोपियों की कानूनी स्थिति को लेकर बड़ा संकेत मिल सकता है।


