सीजी भास्कर, 11 मार्च। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में एलपीजी की कथित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला (LPG Crisis India 2026) बोला है। उन्होंने कहा कि गैस सप्लाई में कमी की वजह से होटल, रेस्तरां और कई उद्योग बंद होने की कगार पर हैं,
जिससे करीब एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि देश इस समय एक गंभीर संकट से गुजर रहा है और इसका असर कई क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट का बताया कारण
केजरीवाल ने कहा कि भारत में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी का बड़ा हिस्सा आयात किया (LPG Crisis India 2026) जाता है। उनके मुताबिक देश में खपत होने वाली करीब 60% एलपीजी आयात होती है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात में यह मार्ग प्रभावित होने के कारण एलपीजी की सप्लाई में करीब 50–55 प्रतिशत तक कमी आ गई है।
होटल-रेस्तरां बंद होने की चेतावनी
AAP नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने रेस्तरां और होटलों को एलपीजी की सप्लाई रोक दी है, जिसके कारण इन व्यवसायों के पास एक-दो दिन का भी स्टॉक नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि
मुंबई में लगभग 20% होटल और रेस्तरां बंद हो चुके हैं
अगले कुछ दिनों में यह संख्या 50% तक पहुंच सकती है
तमिलनाडु में करीब 10 हजार होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है।
शादियों पर भी पड़ सकता है असर
केजरीवाल ने कहा कि यदि गैस संकट जारी रहा तो शादी के सीजन में कई परिवारों को अपने समारोह टालने (LPG Crisis India 2026) पड़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के कई राज्यों से गैस की कमी और व्यवसाय प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं।
उद्योगों पर भी असर का दावा
उन्होंने गुजरात के मोरबी टाइल उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 600 से अधिक उद्योगों में से करीब 170 बंद हो चुके हैं, जिससे लगभग एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं। केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो पूरे देश में एक करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार पर संकट आ सकता है।
कालाबाजारी का भी आरोप
AAP प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि गैस की कमी के कारण बाजार में कालाबाजारी बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक और सामाजिक संकट गहरा सकता है।





