सीजी भास्कर, 23 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के भिलाई के युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। मलेशिया में आयोजित 15वें साइलेंट नाइट इंटरनेशनल कराटे कप 2026 (Malaysia Karate Cup 2026) में अल्टीमेट कराटे डू एकेडमी के 6 बच्चों ने भाग लेकर कई पदक अपने नाम किए। यह प्रतियोगिता 17 से 19 अप्रैल के बीच कुआलालंपुर के टीटी वंग्सा स्टेडियम में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता (Malaysia Karate Cup 2026) में छत्तीसगढ़ से सिर्फ भिलाई के इन 6 खिलाड़ियों ने प्रतिनिधित्व किया और बेहतरीन प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों की मेहनत और आत्मविश्वास का नतीजा रहा कि उन्होंने मजबूत विदेशी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए पदक हासिल किए।
11-12 वर्ष आयु वर्ग की -40 किलोग्राम कैटेगरी में श्रेयांश ठाकुर ने श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और मलेशिया के खिलाड़ियों को हराकर गोल्ड मेडल जीता। उनका यह प्रदर्शन (Malaysia Karate Cup 2026) में भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण साबित हुआ। वहीं 8-9 वर्ष आयु वर्ग की +25 किलोग्राम कैटेगरी में दक्ष शर्मा ने मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर और इंडोनेशिया के खिलाड़ियों को हराते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
इसी तरह 16-17 वर्ष आयु वर्ग की +76 किलोग्राम कैटेगरी में श्लोक पंडित ने इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के खिलाड़ियों को पराजित कर सिल्वर मेडल हासिल किया। टीम कुमिते स्पर्धा में श्रेयांश ठाकुर, दक्ष शर्मा और दर्श वर्मा की टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ को एक और उपलब्धि दिलाई। यह सफलता में टीम भावना और तालमेल का बेहतरीन उदाहरण रही।
जूनियर वर्ग की टीम कुमिते में काव्यांश कटारिया ने सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि आदित्य हेमंत साहू ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि वे पदक जीतने से चूक गए। फिर भी उनका प्रयास में सराहनीय रहा।
इन सभी खिलाड़ियों को तैयार करने में कोच सेंसाई सागर साहू (WKF 4th दान ब्लैक बेल्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्हें इस प्रतियोगिता में भारत के कोच के रूप में भी चयनित किया गया। वे पिछले चार वर्षों से इन खिलाड़ियों को लगातार प्रशिक्षण दे रहे हैं।
कोच सागर साहू ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि छोटे राज्य से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत और CGKDA के वर्किंग प्रेसिडेंट रेंशी बी.बी. नायडू के सहयोग को दिया।
भिलाई के इन बच्चों की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटे शहरों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं।


