सीजी भास्कर, 10 जुलाई। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक स्थित पुटकापुरी गांव का रहने वाला युवक अचानक घर से लापता हो गया और भटकते-भटकते राजस्थान के सिरोही जिले पहुंच गया। वहां लोगों ने उसे सड़कों पर घूमते देखा और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो के जरिए उसकी पहचान होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने पहल कर उसे सुरक्षित रायगढ़ वापस पहुंचाया। गुरुवार को युवक ने SSP शशि मोहन सिंह से मुलाकात भी की। (Man returned home after 100 days)
पुटकापुरी निवासी रामदास महंत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी कारण वह कुछ समय पहले बिना बताए घर से निकल गया था और भटकते हुए राजस्थान के सिरोही जिले पहुंच गया। सिरोही में कुछ लोगों ने उसे देखा और इसकी जानकारी राजस्थान स्थित मानव सेवा आश्रम को दी। आश्रम के सदस्य उसे अपने साथ ले गए। पूछताछ में रामदास ने बताया कि वह रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक का रहने वाला है।
इसके बाद आश्रम के सदस्यों ने उसकी पहचान कराने के लिए सोशल मीडिया पर उसका वीडियो साझा किया। वीडियो की जानकारी रायगढ़ प्रशासन तक पहुंची। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और पुलिस ने उसकी सकुशल घर वापसी की प्रक्रिया शुरू की।
प्रशासन ने कराई घर वापसी : Man returned home after 100 days
पुसौर थाना प्रभारी ने राजस्थान स्थित मानव सेवा आश्रम से संपर्क कर पुष्टि की कि रामदास महंत वहां सुरक्षित है। इसके बाद जिला प्रशासन ने उसकी घर वापसी के लिए यात्रा की पूरी व्यवस्था की। आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई और रेल आरक्षण भी कराया गया। 30 जून को रामदास को राजस्थान से रवाना किया गया और करीब 100 दिन बाद वह सकुशल अपने गांव पुटकापुरी लौट आया।
SSP ने जाना हालचाल, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
गुरुवार को रामदास महंत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान SSP ने उनसे बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी ली और नियमित रूप से घर पर रहकर स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वह बिना संकोच पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
इस दौरान (Man returned home after 100 days) नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस भी मौजूद रहे। SSP ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर रामदास महंत और उनके परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल लें तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं।



