Manendragarh Chunri Yatra 2026 : Manendragarh में चैत्र नवरात्र के अवसर पर निकली चुनरी यात्रा ने इस बार एक अलग ही दृश्य पेश किया। काली मंदिर सेवा समिति के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, और पूरा शहर भक्ति के रंग में रंग गया।
801 मीटर लंबी चुनरी बनी मुख्य आकर्षण
इस वर्ष की सबसे खास बात रही 801 मीटर लंबी चुनरी, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। समिति के सदस्यों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों पहले सिर्फ 51 मीटर की चुनरी से शुरू हुई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था के साथ इसका विस्तार लगातार होता गया।
Kali Temple Manendragarh से निकली यात्रा, शहरभर में हुआ स्वागत
चुनरी यात्रा काली मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और अन्य मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ी। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने चुनरी का स्वागत किया—महिलाओं ने आरती उतारी, फूल बरसाए और माता रानी के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
ढोल-नगाड़ों और भजनों से गूंजता रहा माहौल
यात्रा के दौरान भजन मंडलियों ने पारंपरिक और भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। हर कदम पर भक्ति और उत्साह का संगम साफ नजर आया।
भीड़ के बीच दिखा उत्साह, पूरा शहर बना तीर्थ स्थल जैसा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पूरा शहर मानो एक विशाल धार्मिक स्थल में बदल गया। लोग अपने परिवार के साथ यात्रा में शामिल हुए और माता के दर्शन के साथ इस आयोजन को यादगार बना दिया।
यात्रा का समापन और आगे की परंपरा
यात्रा शहर का भ्रमण कर पुनः काली मंदिर पहुंची। आयोजन समिति के अनुसार, इसे आगे राम मंदिर होते हुए शीतला मंदिर तक ले जाने की योजना भी है, जिससे पूरे शहर को इस आस्था यात्रा से जोड़ा जा सके।
नवरात्रि के बाद श्रद्धालुओं को दी जाएगी चुनरी
समिति ने बताया कि नवरात्रि समाप्त होने के बाद इस पवित्र चुनरी को महिलाओं के बीच वितरित किया जाएगा। श्रद्धालु इसे माता का आशीर्वाद मानकर अपने घरों में रखते हैं, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।


