Nirei Mata Temple Navratri 2026 : Dhamtari जिले के मगरलोड ब्लॉक के मोहरा गांव की पहाड़ियों में स्थित निरई माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के मौके पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले इस मंदिर के द्वार जैसे ही खुले, दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
- सुबह से लगी कतारें, पहाड़ी रास्तों पर बढ़ता कारवां
- Nirei Mata Temple की परंपराएं आज भी वैसी ही
- बिना तेल-घी के जलती है ज्योति, श्रद्धालुओं में गहरी आस्था
- प्रशासन भी रहा अलर्ट, कलेक्टर ने लाइन में लगकर किए दर्शन
- 5-6 घंटे में ही खत्म हो जाता है सालभर का इंतजार
- 30 से 40 हजार श्रद्धालु पहुंचे, सुविधाओं को लेकर योजना तैयार
सुबह से लगी कतारें, पहाड़ी रास्तों पर बढ़ता कारवां
मंदिर खुलने से पहले ही लोग पहाड़ियों के रास्तों पर पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, कतारें लंबी होती गईं। कई श्रद्धालु रात में ही पहुंच गए थे, ताकि उन्हें दर्शन का मौका मिल सके। प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
Nirei Mata Temple की परंपराएं आज भी वैसी ही
इस मंदिर की खास बात सिर्फ इसका सीमित समय नहीं, बल्कि इससे जुड़ी परंपराएं भी हैं। मान्यता है कि यहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है और प्रसाद भी नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि श्रद्धालु नींबू, नारियल और अगरबत्ती अर्पित कर माता का आशीर्वाद लेते हैं।
बिना तेल-घी के जलती है ज्योति, श्रद्धालुओं में गहरी आस्था
स्थानीय लोगों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान यहां एक दिव्य ज्योति अपने आप प्रज्ज्वलित होती है, जिसमें किसी तेल या घी का उपयोग नहीं होता। इस रहस्य को देखने और महसूस करने के लिए ही हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं।
प्रशासन भी रहा अलर्ट, कलेक्टर ने लाइन में लगकर किए दर्शन
भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे और आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर माता के दर्शन किए। उन्होंने जिले की खुशहाली और विकास की कामना की।
5-6 घंटे में ही खत्म हो जाता है सालभर का इंतजार
मंदिर का दरबार केवल 5 से 6 घंटे के लिए ही खुलता है, जिसके बाद इसे फिर अगले साल तक बंद कर दिया जाता है। यही वजह है कि हर श्रद्धालु इस छोटे से समय में दर्शन करने की पूरी कोशिश करता है।
30 से 40 हजार श्रद्धालु पहुंचे, सुविधाओं को लेकर योजना तैयार
प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस बार 30 से 40 हजार लोग मंदिर पहुंचे। क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनमें सड़क, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात शामिल है।



