सीजी भास्कर, 19 सितंबर। प्रदेश के छात्रों के लिए आने वाला साल बेहद खास साबित होने जा रहा है। लंबे समय से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कमी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ को आखिरकार राहत मिलने वाली है। अगले साल प्रदेश में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज (Medical College Expansion) शुरू हो जाएंगे। ये कॉलेज कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा, गीदम और जशपुर में स्थापित किए जाएंगे।
प्रत्येक कॉलेज में 50-50 सीटें होंगी। यानी कुल 250 एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी। फिलहाल प्रदेश में 2180 सीटें हैं, जो बढ़कर 2430 हो जाएंगी। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को होगा, जो हर साल नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा की तैयारी करते हैं और डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। मेडिकल सीटें बढ़ने से कटऑफ मार्क्स (Medical College Expansion) में भी गिरावट आएगी और ज्यादा छात्रों को दाखिले का अवसर मिलेगा।
अस्पतालों से जुड़ेंगे कॉलेज
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की गाइडलाइन के अनुसार, एमबीबीएस की 50 सीटों के लिए 220 बेड का अस्पताल होना जरूरी है। इसी आधार पर कवर्धा, जांजगीर, मनेंद्रगढ़ और गीदम दंतेवाड़ा में जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल बनाया जाएगा। जैसे ही मेडिकल कॉलेज (Medical College Expansion) शुरू होंगे, इन जिला अस्पतालों को कॉलेज से जोड़ा जाएगा और नई बिल्डिंग बनने के बाद इन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दर्जा मिल जाएगा। जिला अस्पताल सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
जशपुर में अलग व्यवस्था
जशपुर में मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल यहां की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग नए अस्पताल की दिशा में काम कर रहा है। बाकी चार कॉलेजों के लिए पिछले साल अक्टूबर में ऑनलाइन टेंडर जारी किए गए थे। हालांकि, विवाद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया। अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि निर्धारित समय सीमा में कॉलेज (Medical College Expansion) चालू हो सकें।
छात्रों को होगा बड़ा फायदा
मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से न केवल सीटों में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा घर के नजदीक ही मिल पाएगी। अभी तक कई छात्रों को सीट न मिलने की वजह से बाहर के राज्यों में पढ़ाई करनी पड़ती थी। लेकिन नए कॉलेज खुलने के बाद यह दबाव काफी हद तक कम होगा। इसके अलावा, कटऑफ में कमी (Medical College Expansion) आने से उन छात्रों को भी मौका मिलेगा जो अब तक थोड़े अंकों से पीछे रह जाते थे।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज खुलने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। नए डॉक्टरों की फौज तैयार होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ही इस विस्तार का उद्देश्य है।
भविष्य की योजना
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि 2025 के अंत तक सभी कॉलेज (Medical College Expansion) संचालित कर दिए जाएं। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और संबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन आने पर उसे तुरंत दूर किया जाएगा।





