सीजी भास्कर, 29 नवंबर। दंतेवाड़ा जिले की प्राकृतिक सुंदरता मानसून के बाद अब शीत ऋतु में भी पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में विकासखंड दंतेवाड़ा का ग्राम मेंडोली इस सीजन का नया टूरिस्ट स्पॉट (Mendoli Tourist Spot) बनकर उभरा है, जहां सड़क के दोनों ओर फैले रामतिल के पीले फूल मानो पूरी धरती पर सुनहरा दुशाला बिछा रहे हों। ग्रामीण वातावरण, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के बीच खिले ये पीताभ फूल हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
सैलानियों और फोटोग्राफी प्रेमियों का पसंदीदा स्थान
जिले से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव इन दिनों फोटोग्राफी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और ट्रैवल ब्लॉगरों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। सुबह की हल्की धूप और शाम के नरम सुनहरे उजाले में रामतिल के खेतों का दृश्य इतना मोहक दिखाई देता है कि हर सैलानी इसे कैमरे में कैद किए बिना वापस नहीं लौटता। प्राकृतिक सुंदरता के बीच लहलहाते इन खेतों ने दंतेवाड़ा पर्यटन को एक नया आयाम (Dantewada Tourism) देने का काम किया है। पकी धान की फसलें, पहाड़ी हरियाली, स्वच्छ जलधाराएँ और आसपास का शांत प्राकृतिक वातावरण इस जगह को और भी खास बनाता है।
पर्यटन के साथ बढ़ रहे स्थानीय रोजगार के अवसर
रामतिल के इन सुनहरे खेतों ने न केवल तिलहन उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाया है बल्कि ग्रामीण पर्यटन का नया रास्ता भी खोल दिया है। बाहरी पर्यटकों की लगातार बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित हो रहे हैं। चाय–नाश्ते की दुकानों, होम-स्टे, पारंपरिक उत्पादों की बिक्री और स्थानीय मार्गदर्शन जैसे कार्यों में युवाओं को आय का नया स्रोत दिखने लगा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Chhattisgarh New Tourist Place) को भी मजबूती मिल रही है।
नेशनल ऑयलसीड मिशन से किसानों को मिला प्रोत्साहन
कृषि विभाग और जिला प्रशासन किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करवा रहे हैं। इसके लिए एक विशेष सीड बैंक व्यवस्था लागू की गई है, जिससे किसानों को समय पर उपयुक्त बीज मिल सके। नेशनल ऑयलसीड मिशन के तहत दंतेवाड़ा विकासखंड में कावड़गांव को क्लस्टर बनाकर तिलहन उत्पादन का दायरा बढ़ाया गया है। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत मेंडोली सहित चितालुर, पोंदूंम, जारम, मेटापाल, कावड़गांव और डुमाम गांवों के किसानों ने 1 से 5 एकड़ तक रामतिल की बुआई की है, जिससे क्षेत्र में तिलहन खेती (Ramtil Flower Field) का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
Mendoli Tourist Spot कम पानी और अधिक मुनाफे वाली फसल
मेंडोली के किसान मंगडू कश्यप बताते हैं कि उन्होंने पहली बार पारंपरिक फसलों की जगह रामतिल जैसी वाणिज्यिक वैकल्पिक फसल को अपनाया है। इस फसल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बहुत कम पानी में तैयार हो जाती है और इसमें मेहनत व लागत भी कम लगती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रामतिल का बाजार मूल्य अन्य कई फसलों की तुलना में अधिक रहता है, जिससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना ज्यादा है। कम लागत और अधिक उत्पादन क्षमता के कारण यह फसल किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो रही है।


