सीजी भास्कर, 16 दिसंबर | Meta AI Data Center Deal: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दौड़ में मेटा ने ऐसा सौदा किया है, जिसने प्राइवेट सेक्टर की सीमाओं को नया पैमाना दिया है। कंपनी ने अपने एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए पिम्को के माध्यम से 26 बिलियन डॉलर—यानी करीब ढाई लाख करोड़ रुपये—की फाइनेंसिंग डील को अंतिम रूप दिया है।
डील की कमान बिलासपुर से निकले प्रोफेशनल के हाथ
इस हाई-प्रोफाइल सौदे का नेतृत्व न्यूयॉर्क स्थित पिम्को में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विनीत अग्रवाल ने किया। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से निकलकर वैश्विक स्तर की सबसे बड़ी टेक-फाइनेंस डील्स में निर्णायक भूमिका निभाना उनकी प्रोफेशनल यात्रा को खास बनाता है।
ग्रामीण लुइसियाना में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
मेटा अपने एआई डेटा सेंटर नेटवर्क को अमेरिकी राज्य लुइसियाना के ग्रामीण इलाकों में तेजी से विस्तार दे रही है। कंपनी का फोकस ऐसे विशाल डेटा हब तैयार करने पर है, जो आने वाले वर्षों में एआई प्रोसेसिंग की भारी जरूरतों को संभाल सकें।
सुपर-इंटेलिजेंस यूनिट पर सैकड़ों अरब डॉलर का दांव
मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कंपनी अपनी सुपर-इंटेलिजेंस यूनिट के लिए कई मल्टी-गीगावाट डेटा सेंटर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। यही रणनीति इस मेगा-डील की नींव बनी।
‘प्रोमेथियस’ और ‘हाइपरियन’ बनेंगे एआई की रीढ़
कंपनी का पहला मल्टी-गीगावाट डेटा सेंटर ‘प्रोमेथियस’ वर्ष 2026 में शुरू होने की संभावना है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ‘हाइपरियन’ भविष्य में 5 गीगावाट तक विस्तार करने में सक्षम होगा। इस पूरी डील को आकार देने में करीब तीन महीने की गहन बातचीत चली।
आईआईटी-आईआईएम से ग्लोबल बोर्डरूम तक का सफर
विनीत अग्रवाल, तोरवा निवासी व्यवसायी परिवार से आते हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा आईआईटी और फिर आईआईएम से होते हुए शुरू हुई। 23 वर्ष की उम्र में उन्होंने हांगकांग की एक शीर्ष वित्तीय संस्था में करोड़ों के पैकेज पर करियर की शुरुआत की।
पांच करोड़ का पैकेज छोड़ा, पढ़ाई को दी प्राथमिकता
कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में काम करने के बाद वे रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड पहुंचे, जहां उन्हें सालाना करीब पांच करोड़ रुपये का पैकेज मिला। इसी दौरान उन्होंने विश्व के शीर्ष मैनेजमेंट संस्थानों में आवेदन किया और एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में चयन होने पर नौकरी छोड़कर आगे की पढ़ाई का फैसला किया।
बिलासपुर का नाम ग्लोबल डील-मैप पर दर्ज
इस सौदे के साथ न केवल मेटा के एआई प्लान को नई गति मिली है, बल्कि बिलासपुर का नाम भी वैश्विक टेक-फाइनेंस के नक्शे पर मजबूती से दर्ज हुआ है—जहां से निकले एक प्रोफेशनल ने दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट डील्स में से एक को दिशा दी।





