सीजी भास्कर, 21 दिसंबर | MGNREGA Name Change Protest : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदले जाने के फैसले के विरोध में रविवार को बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाले गए जुलूस में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई और फैसले को जनविरोधी बताया गया।
एक सप्ताह में चौथा आंदोलन
यह प्रदर्शन पिछले एक सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का चौथा सार्वजनिक आंदोलन रहा। धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक सियाराम कौशिक सहित कई वरिष्ठ और युवा नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ की जा रही है।
जनहितैषी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रोजगार, भोजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं आम लोगों की जीवनरेखा हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन्हें या तो कमजोर कर रही है या नाम बदलकर मूल भावना खत्म करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि सोच बदलने की प्रक्रिया है।
कांग्रेस शासन में हुई थी योजना की शुरुआत
शहर कांग्रेस कमेटी और जिला नेतृत्व ने बताया कि वर्ष 2006 में इस योजना की शुरुआत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार देने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और मजदूरों को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना था।
अनुदान घटाने का दावा
प्रदर्शन के दौरान यह आरोप भी लगाया गया कि केंद्र सरकार ने योजना में अपने वित्तीय योगदान को कम किया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार पहले जहां केंद्र की हिस्सेदारी अधिक थी, वहीं अब अनुदान में कटौती कर राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है, जिससे योजना की प्रभावशीलता प्रभावित हो रही है।
आंदोलन जारी रखने का संकेत
कांग्रेस ने साफ किया कि यदि योजना से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि ग्रामीण रोजगार और गरीबों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा।





